खबर की तहतक ✍️| उत्तर प्रदेश / राष्ट्रीय लखनऊ। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों और सामाजिक भेदभाव रोकने से जुड़े कानून को लेकर जारी विरोध के बीच योगी सरकार के मंत्री संजय निषाद ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जब जनरल कैटेगरी को 10 प्रतिशत EWS आरक्षण दिया गया था, तब किसी ने इसका विरोध नहीं किया, लेकिन अब जब सामाजिक भेदभाव समाप्त करने के लिए कानून लाया गया है, तो उस पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। मंत्री संजय निषाद ने स्पष्ट कहा कि संसद से पारित कानूनों को पहले लागू किया जाना चाहिए। यदि क्रियान्वयन के दौरान कोई खामी सामने आती है, तो संशोधन का प्रावधान हमेशा खुला रहता है। उन्होंने कहा कि किसी भी कानून को केवल आशंकाओं के आधार पर रोका जाना उचित नहीं है। सामाजिक न्याय पर जोर संजय निषाद ने कहा कि UGC से जुड़े नए प्रावधानों का उद्देश्य किसी वर्ग को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि शैक्षणिक संस्थानों में समानता और न्याय सुनिश्चित करना है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब EWS आरक्षण लागू हुआ, तब उसे सामाजिक संतुलन के रूप में स्वीकार किया गया, तो अब समानता से जुड़े कानूनों पर विरोध क्यों किया जा रहा है। विरोध पर उठाए सवाल UGC नियमों के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों को लेकर मंत्री ने कहा कि हर सुधार का विरोध करना सही नहीं है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में सुझाव और आलोचना का स्वागत है, लेकिन कानून को लागू होने से पहले ही खारिज करना अनुचित है। उन्होंने दो टूक कहा कि सरकार का उद्देश्य सभी वर्गों के लिए न्यायपूर्ण, समावेशी और भेदभाव-मुक्त व्यवस्था बनाना है और इस दिशा में लाए गए कानूनों को राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। 👉 खबर की तहतक आपके लिए लाता है नीतियों, बयानों और सामाजिक मुद्दों से जुड़ी हर बड़ी खबर, पूरी तथ्यात्मकता और विधिसंगत विश्लेषण के साथ। Post Views: 225 Post navigation धान खरीद में धांधली पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, बिचौलिये पर एफआईआर, तीन ट्रॉलियां जब्त यूपी में शिक्षकों व शिक्षामित्रों को बड़ा तोहफा, योगी कैबिनेट की बैठक में आज लग सकती है मुहर