खबर की तहतक ✍️| राज्य ब्यूरो लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार प्रदेश के शिक्षकों और शिक्षामित्रों को बड़ी राहत देने की तैयारी में है। गुरुवार सुबह 11 बजे लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में शिक्षा विभाग के एक अहम प्रस्ताव पर मुहर लगने की संभावना है। प्रस्ताव के तहत राज्य कर्मचारियों की तर्ज पर प्रदेश के शिक्षकों और शिक्षामित्रों को कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, इस योजना के लागू होने के बाद शिक्षकों, शिक्षामित्रों और शिक्षा विभाग से जुड़े अन्य कर्मियों को पांच लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिल सकेगा। यह सुविधा आयुष्मान भारत योजना की तर्ज पर पूरी तरह कैशलेस होगी। आठ लाख से अधिक लोगों को मिलेगा लाभ योगी सरकार के इस फैसले से प्रदेश के करीब आठ लाख से अधिक शिक्षक, शिक्षामित्र और अन्य स्टाफ लाभान्वित होंगे। इसके अंतर्गत माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधीन अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षक, स्ववित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक, बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, वार्डन, रसोइया और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को भी योजना का लाभ मिलेगा। शिक्षक दिवस पर किया गया था ऐलान गौरतलब है कि शिक्षा विभाग में कैशलेस इलाज की सुविधा की मांग लंबे समय से की जा रही थी। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 5 सितंबर 2025 को शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों को यह सुविधा देने की घोषणा की थी। अब उस घोषणा को अमलीजामा पहनाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। कैबिनेट में अन्य प्रस्तावों पर भी चर्चा आज की कैबिनेट बैठक में शिक्षा विभाग के प्रस्ताव के साथ-साथ 29 से अधिक अन्य प्रस्तावों पर भी चर्चा होने की संभावना है। इनमें जेवर एयरपोर्ट के लिए अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण, मोटर वाहन निरीक्षक के 351 पदों पर नियुक्ति समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल बताए जा रहे हैं। अगर कैबिनेट से मंजूरी मिलती है तो यह फैसला प्रदेश के शिक्षा जगत के लिए एक बड़ा तोहफा माना जाएगा और लाखों शिक्षकों व कर्मचारियों को स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत सहारा मिलेगा। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation UGC कानून पर उठे विरोध के बीच मंत्री संजय निषाद का बयान, बोले—जनरल कैटेगरी को 10% आरक्षण मिला तब किसी ने नहीं किया हंगामा सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के नए ‘इक्विटी रेग्युलेशंस 2026’ पर लगाई रोक, दोबारा ड्राफ्ट करने के निर्देश