खबर की तहतक ✍️ अम्बेडकरनगर। खरीफ विपणन वर्ष 2025–26 के तहत जनपद में धान खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सिझौली मंडी परिसर, अकबरपुर में धान क्रय केंद्रों पर बिचौलियों की सक्रियता सामने आने के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक नामजद बिचौलिये के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं, वहीं धान से लदी तीन ट्रॉलियों को जब्त कर लिया गया है। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (एडीएम) ज्योत्सना बंधु ने मंगलवार सुबह सिझौली मंडी का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान मंडी परिसर में करीब 120 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खड़ी पाई गईं। इनमें से लगभग 20 ट्रॉलियों के चालकों के पास न तो टोकन था और न ही कोई वैध दस्तावेज मौजूद थे। पूछताछ में हुआ बिचौलिये का खुलासा जांच के दौरान एक ट्रॉली चालक ने स्वीकार किया कि वह प्रतापपुर चमुखा निवासी शिवभजन उर्फ शिवधर के लिए काम करता है। चालक के अनुसार शिवधर किसानों से कम दाम पर धान खरीदकर उसे विभिन्न धान क्रय केंद्रों पर बेचता है। उसने बताया कि मंगलवार को भी वह करीब 160 बोरी धान बेचने के लिए मंडी आया था। छापेमारी के दौरान दो अन्य ट्रॉलियों के चालक और बिचौलिये मौके से फरार हो गए। एडीएम द्वारा कार्रवाई करते हुए तीन ट्रॉलियों को जब्त कर मंडी सचिव के सुपुर्द कर दिया गया। जिलाधिकारी ने क्षेत्रीय विपणन अधिकारी को मुख्य आरोपी शिवधर के विरुद्ध तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया है। अब बिना सत्यापन नहीं होगी तौल जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने डिप्टी आरएमओ गोरखनाथ को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि आगे से धान क्रय केंद्रों पर तौल तभी की जाएगी, जब संबंधित उपजिलाधिकारी (एसडीएम) द्वारा किसानों के दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन कर लिया जाएगा। डीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि धान खरीद में बिचौलियागिरी या किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर अन्य दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। 👉 खबर की तहतक आपके लिए लाता है जनहित से जुड़े मामलों की सटीक, तथ्यात्मक और विश्वसनीय रिपोर्ट। Post Views: 140 Post navigation यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्ती, 84 वाहनों का चालान, 4 वाहन सीज, राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत जागरूकता अभियान तेज UGC कानून पर उठे विरोध के बीच मंत्री संजय निषाद का बयान, बोले—जनरल कैटेगरी को 10% आरक्षण मिला तब किसी ने नहीं किया हंगामा