खबर की तहतक तहतक न्यूज | लखनऊ/रायबरेली उत्तर प्रदेश में नाबालिग लड़कियों की कथित तस्करी और अवैध खरीद-फरोख्त से जुड़े एक गंभीर मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। मोहनलालगंज पुलिस की कार्रवाई में सामने आए तथ्यों के आधार पर रायबरेली निवासी एक महिला, उसके लिव-इन पार्टनर तथा एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, जबकि पुलिस कथित गिरोह की सरगना बताई जा रही महिला और उसके पति की तलाश में राजस्थान के कोटा में दबिश दे रही है। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों, नट समुदाय तथा असहाय परिस्थितियों में रहने वाली किशोरियों को निशाना बनाकर उन्हें शादी के नाम पर दूसरे राज्यों में भेजा जाता था। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस नेटवर्क का विस्तार उत्तर प्रदेश के अलावा राजस्थान, बिहार और पंजाब तक हो सकता है। मामले ने तब गंभीर मोड़ लिया जब मोहनलालगंज क्षेत्र की दो नाबालिग बहनों के कथित अपहरण और उन्हें राजस्थान ले जाने की सूचना पुलिस तक पहुंची। परिजनों की शिकायत पर दर्ज मुकदमे के बाद पुलिस की सक्रियता बढ़ी और दबाव बढ़ने पर दोनों किशोरियों को वापस छोड़ दिया गया। इसके बाद जांच में कई अहम जानकारियां सामने आईं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक जब्त किए गए मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। इन्हीं के आधार पर कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और भूमिका की पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अब तक सामने आए तथ्यों के अनुसार कई मामलों में लड़कियों को विवाह के उद्देश्य से दूसरे राज्यों में भेजे जाने की आशंका है, हालांकि सभी पहलुओं की जांच जारी है। एक किशोरी द्वारा पुलिस को दिए गए बयान में कथित रूप से प्रताड़ना और जबरन विवाह जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस इन आरोपों की भी स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है। एसीपी मोहनलालगंज ने बताया कि विशेष टीम कोटा भेजी गई है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की गहन जांच कर दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यह मामला मानव तस्करी, बाल संरक्षण और महिला सुरक्षा से जुड़े गंभीर प्रश्न खड़े करता है। साथ ही यह भी दर्शाता है कि कमजोर और वंचित वर्गों की सुरक्षा के लिए समाज और प्रशासन दोनों को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। डिस्क्लेमर: यह समाचार विभिन्न मीडिया रिपोर्टों एवं पुलिस जांच से संबंधित उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। समाचार में वर्णित आरोप जांच के अधीन हैं। किसी भी आरोपी को न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध किए जाने तक कानूनन निर्दोष माना जाता है। “खबर की तहतक” किसी व्यक्ति के दोषी होने का दावा नहीं करता तथा पाठकों से आग्रह करता है कि मामले को न्यायिक प्रक्रिया और आधिकारिक जांच के संदर्भ में ही देखें। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation माँ के सम्मान में लगा हरियाली का संगम: शिवाला पक्का घाट पर गूंजा पर्यावरण संरक्षण का संदेश जांच से पहले कार्रवाई या शिकायत का असर? मकान निर्माण रुकने से परेशान परिवार ने डीएम से मांगा इंसाफ