खबर की तहतक ✍️ | अम्बेडकरनगर अम्बेडकरनगर जनपद में खतमीपुर गांव निवासी अरबिन्द कुमार की संदिग्ध मौत का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। परिजनों के लगातार दबाव और असंतोष को देखते हुए जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने अरबिन्द के शव का चिकित्सकों के पैनल द्वारा दुबारा पोस्टमार्टम कराए जाने का आदेश दिया है। इस फैसले के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है और अब सच्चाई सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है। जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में आज चहोड़ा घाट स्थित श्मशान घाट पर सप्ताह भर पूर्व दफन किए गए अरबिन्द के शव को जेसीबी मशीन की मदद से कब्र से बाहर निकाला गया। यह पूरी प्रक्रिया नायब तहसीलदार हुबलाल, आलापुर थाने के उपनिरीक्षक एवं पुलिस बल की मौजूदगी में संपन्न कराई गई। इसके बाद शव को दुबारा पोस्टमार्टम के लिए शव विच्छेदन गृह भेज दिया गया। हालांकि, इतने संवेदनशील मामले में थानाध्यक्ष आलापुर अथवा किसी अन्य वरिष्ठ अधिकारी की मौके पर मौजूदगी न होना कई सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पूरे प्रकरण की जिम्मेदारी मातहत अधिकारियों पर ही छोड़ दी गई, जिससे प्रशासनिक गंभीरता पर भी चर्चा हो रही है। उल्लेखनीय है कि आलापुर थाने के ठीक सामने स्थित खतमीपुर गांव में चकमार्ग के किनारे अरबिन्द कुमार का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। उस समय हत्या, आत्महत्या, हादसा या स्वाभाविक मृत्यु—इन सभी संभावनाओं के बीच उलझे मामले की जांच के लिए आलापुर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया था। परिजनों ने शुरू से ही अरबिन्द की हत्या की आशंका जताते हुए गांव के ही एक सब्जी विक्रेता एवं उसके परिजनों को नामजद कर तहरीर दी थी, लेकिन आरोप है कि आलापुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। इससे परिजनों में आक्रोश और अविश्वास और बढ़ गया। पहले पोस्टमार्टम के बाद भी मृत्यु का कारण स्पष्ट नहीं हो सका, जिसके चलते विसरा सुरक्षित कर विधि विज्ञान प्रयोगशाला, लखनऊ भेजा गया था। बावजूद इसके, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से परिजन संतुष्ट नहीं थे और वे पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर रहे थे। मामले को लेकर गांव से लेकर जनपद स्तर तक तरह-तरह की चर्चाएं चल रही थीं। अंततः परिजनों ने जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला से मुलाकात कर चिकित्सकों के पैनल से दुबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की, जिसे स्वीकार करते हुए डीएम ने आदेश जारी किया। अब सबकी निगाहें दुबारा पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे अरबिन्द की मौत से जुड़ा रहस्य सुलझने की उम्मीद है। खबर की तह तक इस पूरे मामले पर प्रशासनिक कार्रवाई, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की पुलिस जांच पर लगातार नजर बनाए हुए है। Post navigation बाबा बरुआ दास पी.जी. कालेज में अन्तर्महाविद्यालयीय महिला खो-खो ‘प्रतियोगिता का भव्य उद्घाटन कल दो पत्नियों के बीच बंटा पति, पंचायत का अनोखा फैसला बना चर्चा का विषय