समाज के नैतिक उत्थान हेतु ब्राह्मणों का संस्कारी होना अनिवार्य : स्वामी प्रखर जी महाराज

खबर की तहतक | अंबेडकर नगर

गिरैया बाजार (अंबेडकर नगर)।

समाज और राष्ट्र के सर्वांगीण उत्थान के लिए ब्राह्मण वर्ग का नैतिक, चारित्रिक एवं संस्कारयुक्त होना अत्यंत आवश्यक है। वेदमाता गायत्री की उपासना और नियमित संध्यावंदन ही ब्राह्मणों की मूल पहचान है, जिसे पूर्वजों से प्राप्त संस्कारों के रूप में आत्मसात करना आज के समय की आवश्यकता है। संस्कारविहीन ब्राह्मण न तो अपने अस्तित्व की रक्षा कर सकता है और न ही राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकता है।

यह विचार अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक एवं यज्ञ सम्राट स्वामी प्रखर जी महाराज ने व्यक्त किए। वे रविवार को जनपद की आलापुर तहसील अंतर्गत गिरैया बाजार में आयोजित ब्राह्मण सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

स्वामी प्रखर जी महाराज ने कहा कि ब्राह्मण समाज सदैव लोकमंगल और राष्ट्रोत्थान का आधार रहा है। यदि ब्राह्मण अपने धर्म, कर्म और संस्कारों से विमुख होगा तो सामाजिक संतुलन भी प्रभावित होगा। उन्होंने वेदमाता गायत्री की साधना को जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया।

पुष्कर महायज्ञ के संदर्भ में देशव्यापी संवाद

उल्लेखनीय है कि स्वामी प्रखर जी महाराज पूरे देश में निःशुल्क कैंसर अस्पतालों एवं शैक्षिक संस्थानों के संचालन के साथ-साथ सर्वाधिक यज्ञों के आयोजन के लिए विख्यात हैं। आगामी 8 मार्च से 19 अप्रैल तक राजस्थान के पुष्कर तीर्थ में प्रस्तावित 200 कुंडीय शत सहस्र गायत्री पुनश्चर्या महायज्ञ के परिप्रेक्ष्य में वे वर्तमान में देशभर में ब्राह्मण समाज से संवाद और विमर्श कर रहे हैं। गिरैया बाजार में आयोजित यह ब्राह्मण सम्मेलन भी उसी क्रम का हिस्सा था।

ऐतिहासिक महायज्ञ का आयोजन

स्वामी जी ने बताया कि महर्षि विश्वामित्र द्वारा पुष्कर तीर्थ में 24 करोड़ गायत्री पुनश्चर्या महायज्ञ के बाद यह इतिहास का प्रथम अवसर है, जब 24 करोड़ गायत्री पुनश्चर्या एवं दशांश हवन सहित कुल 27 करोड़ गायत्री पुनश्चर्या का आयोजन किया जा रहा है। इस महायज्ञ में आयोजक, आचार्य, सहयोगी और दानकर्ता सभी ब्राह्मण वर्ग से होंगे। महायज्ञ पर लगभग 500 करोड़ रुपये व्यय होने का अनुमान है।

हालांकि इस महायज्ञ में सभी समुदायों और वर्गों की सहभागिता एवं अभिनंदन होगा, किंतु आर्थिक सहयोग केवल ब्राह्मण समाज से ही लिया जाएगा, ताकि प्रत्येक ब्राह्मण स्वयं को यज्ञ का अभिन्न अंग मानते हुए नियमित संध्यावंदन एवं धार्मिक अनुशासन को अपने जीवन में अपनाए और एक स्वस्थ, संस्कारित समाज का निर्माण हो सके।

प्रमुख हस्तियों की सहभागिता

इस ब्राह्मण सम्मेलन का आयोजन राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, उत्तर प्रदेश के अयोध्या मंडल अध्यक्ष डॉ. उदयराज मिश्र के संयोजकत्व में किया गया। कार्यक्रम के आयोजकों में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य स्थायी अधिवक्ता डॉ. पवन कुमार तिवारी एवं कानपुर विश्वविद्यालय के सैन्य अध्ययन विभागाध्यक्ष डॉ. राम तिवारी प्रमुख रहे।

सम्मेलन में भूमि विकास बैंक, उत्तर प्रदेश के निदेशक यमुना प्रसाद चतुर्वेदी, भागवताचार्य योगेश जी महाराज, ज्योतिषाचार्य श्रीकृष्णाचार्य, सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के मंत्र विभागाध्यक्ष डॉ. रामप्रिय मिश्र, वैयाकरण आचार्य रामनारायण मिश्र, पूर्व प्रधानाचार्य श्यामसुंदर द्विवेदी, प्रख्यात समाजसेवी योगेन्द्र नाथ त्रिपाठी, सभासद बाल गोबिंद त्रिपाठी, शानू दुबे, भाजपा नेता राघव तिवारी, मीरा पांडेय सहित जनपद की अनेक प्रमुख एवं प्रतिष्ठित हस्तियों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम के अंत में समाज के नैतिक उत्थान, सांस्कृतिक संरक्षण और राष्ट्र निर्माण में ब्राह्मण समाज की भूमिका को सशक्त बनाने का संकल्प लिया गया।

नोट – यह खबर मात्र प्राप्त जानकारी के आधार पर लिखी गई है। इस खबर में उल्लेख सभी तथ्यों की पुष्टि बेब पोर्टल नहीं करता है।

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