खबर की तहतक ✍️ अम्बेडकरनगर। जनपद में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विद्युत विभाग के एक सरकारी लाइनमैन ने आरोप लगाया है कि ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों ने न केवल अभद्र भाषा का प्रयोग किया, बल्कि जबरन वसूली की कोशिश करते हुए एक ही पिकअप वाहन का दो बार चालान कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल बताया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना क्षेत्र अलीगंज के साठ जगनपुर निवासी एवं विद्युत विभाग में कार्यरत लाइनमैन फूलचंद ने पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 7 अप्रैल 2026 को वह जमुनीपुर नहर के पास महायें गांव क्षेत्र में 33 केवी विद्युत लाइन के नीचे आ रही पेड़ों की डालों की कटान कार्य में लगे थे। यह कार्य विभागीय निर्देशों के तहत कराया जा रहा था, ताकि बिजली आपूर्ति बाधित न हो। लाइनमैन के अनुसार, कार्य के दौरान ठेकेदार व मजदूरों की मदद ली गई थी। आरोप है कि इसी दौरान अरिया पुलिस चौकी से जुड़े कुछ पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और बिना किसी स्पष्ट कारण के कार्य में हस्तक्षेप करने लगे। शिकायत में कहा गया है कि पुलिसकर्मियों ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों, ठेकेदार व वाहन चालक के साथ अभद्र व्यवहार किया और कथित रूप से धन की मांग की। सबसे गंभीर आरोप यह है कि पुलिस ने मौके पर मौजूद एक ही पिकअप वाहन का अल्प समय में दो बार चालान/सीज करने की कार्रवाई की, जिसे शिकायतकर्ता ने उत्पीड़नात्मक बताया है। पीड़ित का दावा है कि इस पूरी घटना का वीडियो साक्ष्य भी उपलब्ध है, जिसमें कथित तौर पर पुलिस की कार्रवाई रिकॉर्ड हुई है। शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि संबंधित कार्य सार्वजनिक हित से जुड़ा था और पुलिस द्वारा उसमें बाधा उत्पन्न करने से विद्युत आपूर्ति प्रभावित हो सकती थी। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। वहीं, यह मामला सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है और आमजन की निगाहें अब पुलिस अधीक्षक की कार्रवाई पर टिकी हैं। (नोट: सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर यह खबर प्रकाशित की जा रही है। खबर की तहतक वेब पोर्टल स्वतंत्र रूप से इसकी पुष्टि नहीं करता है।) Post Views: 510 Post navigation यूपी के 25 लाख युवाओं को मिलेंगे मुफ्त टैबलेट, योगी कैबिनेट ने टेंडर को दी मंजूरी ड्रग डिस्पोजल कमेटी द्वारा 19.115 किग्रा मादक पदार्थों का विनष्टीकरण, कीमत करीब 14.50 लाख रुपये