खबर की तहतक ✍️ अम्बेडकरनगर। जिले में सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने बताया कि शासन के निर्देश पर ज्ञान भारतम मिशन के तहत जनपद में दुर्लभ ग्रंथों और पांडुलिपियों का चिन्हीकरण, संग्रह और डिजिटलीकरण किया जाएगा। क्या है योजना का उद्देश्य? इस अभियान के तहत— सरकारी व गैर-सरकारी संस्थाओं मठ, मंदिर व शैक्षणिक संस्थान निजी व सार्वजनिक पुस्तकालय व्यक्तिगत संग्रहकर्ताओं के पास उपलब्ध दुर्लभ पांडुलिपियों, हस्तलिखित ग्रंथों, ताड़पत्र, भोजपत्र आदि का सर्वे कराया जाएगा। 75 वर्ष पुराने दस्तावेज होंगे शामिल डीएम ने स्पष्ट किया कि— पांडुलिपि वही मानी जाएगी जो कम से कम 75 वर्ष पुरानी हो यह कागज, ताड़पत्र, भोजपत्र, कपड़ा या धातु पर हस्तलिखित हो सकती है सभी का कैटलॉगिंग, संरक्षण और डिजिटलीकरण किया जाएगा ऐसे तैयार होगी सूची जिला स्तर पर तैयार सूची में शामिल होंगे— संस्था/व्यक्ति का नाम प्रभारी का नाम मोबाइल नंबर व ईमेल उपलब्ध पांडुलिपियों की अनुमानित संख्या इसके बाद यह सूची संस्कृति विभाग के अंतर्गत उत्तर प्रदेश राजकीय अभिलेखागार को भेजी जाएगी। मोबाइल ऐप से होगा सर्वे डीएम ने बताया कि “राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान” के तहत जिले में सर्वे कार्य Gyan Bhartam App के माध्यम से किया जाएगा, जो गूगल प्ले स्टोर पर निःशुल्क उपलब्ध है। खास बात: पांडुलिपियों का स्वामित्व संग्रहकर्ता के पास ही सुरक्षित रहेगा। अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी ग्रामीण क्षेत्रों में खंड विकास अधिकारी (BDO) नगरीय क्षेत्रों में अधिशासी अधिकारी (EO) को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। सभी संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द सूची तैयार कर जिला विकास अधिकारी को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। ✍️ खबर की तहतक निष्कर्ष यह अभियान जिले की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को बचाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। डिजिटल माध्यम से इन दुर्लभ ग्रंथों का संरक्षण न केवल आने वाली पीढ़ियों के लिए ज्ञान का स्रोत बनेगा, बल्कि जिले की पहचान को भी राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करेगा। Post Views: 112 Post navigation छात्रों के लिए राहत की बड़ी खबर: अब दोबारा मिलेगा स्कॉलरशिप आवेदन का मौका शिक्षा क्षेत्र जलालपुर में ‘स्कूल चलो अभियान’ के तहत निकली जागरूकता रैली, वार्षिकोत्सव में मेधावी छात्र हुए सम्मानित