खबर की तहतक ✍️ लखनऊ। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छात्र-छात्राओं के हित में एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए छात्रवृत्ति से वंचित रह गए विद्यार्थियों को बड़ी राहत दी है। अब ऐसे छात्र, जो किसी कारणवश आवेदन नहीं कर सके थे, उन्हें दोबारा मौका दिया जाएगा। समाज कल्याण विभाग द्वारा शैक्षिक सत्र 2025-26 के अंतर्गत संचालित छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के लिए पोर्टल जल्द ही पुनः खोला जाएगा। इससे हजारों छात्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है। क्या है सरकार का उद्देश्य? इस फैसले का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि— कोई भी पात्र छात्र तकनीकी या अन्य कारणों से वंचित न रह जाए आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो शिक्षा में समान अवसर सुनिश्चित किए जा सकें इस योजना के तहत सामान्य वर्ग, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और ट्रांसजेंडर समुदाय के छात्र लाभान्वित होंगे। पिछले साल के आंकड़े (2024-25) सरकार की इस पहल का असर पहले भी देखने को मिला है— कुल 53,041 छात्रों को मिला लाभ लगभग ₹81.12 करोड़ की छात्रवृत्ति वितरित SC वर्ग के 25,395 छात्रों को ₹30.65 करोड़ सामान्य वर्ग के 27,646 छात्रों को ₹50.47 करोड़ मंत्री का बयान समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी छात्र आर्थिक तंगी के कारण अपनी पढ़ाई न छोड़े। प्रदेश सरकार शिक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और हर जरूरतमंद तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए लगातार प्रयासरत है। कब खुलेगा पोर्टल? हालांकि पोर्टल खोलने की सटीक तारीख अभी घोषित नहीं की गई है, लेकिन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें। ✍️ खबर की तहतक : निष्कर्ष योगी सरकार का यह निर्णय उन हजारों छात्रों के लिए उम्मीद की किरण है, जो किसी कारणवश छात्रवृत्ति से वंचित रह गए थे। दोबारा आवेदन का मौका मिलने से न सिर्फ उनकी पढ़ाई जारी रह सकेगी, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर की दिशा में भी यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation शादी के जोड़े में मिली मौत: गर्भवती पत्नी और पति की संदिग्ध आत्महत्या ने खड़े किए कई सवाल जिले में दुर्लभ ग्रंथों व पांडुलिपियों का होगा बड़ा सर्वे, डीएम ने दिए निर्देश