खबर की तहतक ✍️ ( विशेष रिपोर्ट ) कच्छ/गुजरात | 1 अप्रैल 2026 गुजरात के कच्छ के तपते रेगिस्तान में एक नन्हे चूजे के जन्म ने पूरे वन विभाग और प्रशासन को अलर्ट मोड में ला दिया है। यह कोई आम पक्षी का बच्चा नहीं, बल्कि अत्यंत दुर्लभ प्रजाति ‘ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (गोडावण)’ का चूजा है, जिसे जन्म लेते ही “वीवीआईपी सुरक्षा” प्रदान कर दी गई है। इसकी सुरक्षा में 50 से अधिक वनकर्मी 24 घंटे मुस्तैद हैं। करीब एक दशक बाद गुजरात की धरती पर इस प्रजाति के चूजे का जन्म हुआ है, जिसके चलते इसे बचाने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। वन विभाग ने पूरे इलाके को सुरक्षा घेरा बनाकर आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। 24×7 निगरानी, हाई-टेक उपकरणों का इस्तेमाल चूजे की सुरक्षा के लिए वन विभाग ने तीन शिफ्टों में जवानों की तैनाती की है। वॉच टावर से हाई-टेक दूरबीन और स्पॉटिंग स्कोप के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। चूजे की हर पल की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक भेजी जा रही है, जिससे किसी भी खतरे की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। शिकारियों से बचाने के लिए विशेष रणनीति वन विभाग ने चूजे को जंगली जानवरों और अन्य खतरों से बचाने के लिए विशेष रणनीति अपनाई है। आसपास के जलस्रोतों को सीमित कर दिया गया है ताकि शिकारी जानवर उस क्षेत्र में न पहुंचें। साथ ही, बाड़बंदी को मजबूत किया गया है और स्थानीय ग्रामीणों को मवेशी चराने से रोक दिया गया है। इसके अलावा, मादा गोडावण पर ट्रैकिंग सिस्टम के माध्यम से नजर रखी जा रही है, जिससे चूजे की लोकेशन और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। विलुप्ति की कगार पर है गोडावण गोडावण को दुनिया के सबसे संकटग्रस्त पक्षियों में गिना जाता है। भारत में इनकी संख्या बेहद सीमित रह गई है। ऐसे में इस चूजे का जन्म वन्यजीव संरक्षण के लिए एक बड़ी उपलब्धि और उम्मीद की नई किरण माना जा रहा है। प्रकृति के संरक्षण की मिसाल बना कच्छ इस नन्हे चूजे की सुरक्षा के लिए जिस तरह से पूरा प्रशासन और वन विभाग एकजुट होकर कार्य कर रहा है, वह वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक मिसाल पेश करता है। यह प्रयास न केवल इस प्रजाति के संरक्षण में मददगार साबित होगा, बल्कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की दिशा में भी एक अहम कदम है। (डिस्क्लेमर: यह खबर विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग द्वारा की जानी शेष है। अतः खबर की तहतक पोर्टल खबर की पुष्टि नही करता है ) Post Views: 210 Post navigation भक्त कर रहे थे इंतजार, कमरे में मिला स्वामी महाराज का शव, जांच में जुटी पुलिस लगभग 14 साल बाद CHC जलालपुर में सिजेरियन सेवा शुरू, पहली सफल सर्जरी में जच्चा-बच्चा सुरक्षित