खबर की तहतक ✍️ अम्बेडकरनगर “अनुभवों का संवर्धन और आत्मबल का जागरण ही शिविर का वास्तविक प्रतिफल” — प्रो. के.के. मिश्र अम्बेडकरनगर। स्थानीय बाबा बरुआ दास पी.जी. कॉलेज, परुइया आश्रम के प्रांगण में 28 मार्च से चल रहा त्रि-दिवसीय रोवर्स-रेंजर्स प्रशिक्षण शिविर आज 30 मार्च को अत्यंत गरिमामय वातावरण में संपन्न हो गया। समापन समारोह की शुरुआत ध्वजारोहण एवं ध्वज गीत के साथ हुई, जिससे पूरे परिसर में उत्साह और अनुशासन का माहौल देखने को मिला। जीवनोपयोगी कौशलों का मिला प्रशिक्षण शिविर के दौरान छात्र-छात्राओं को विभिन्न व्यावहारिक एवं साहसिक गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया गया, जिनमें— गांठ-बंधन (Knotting) टेंट पिचिंग (तंबू निर्माण) बिना बर्तनों के भोजन बनाना शारीरिक व्यायाम विपरीत परिस्थितियों में मार्ग खोजने की कला (Sign Tracking) इन गतिविधियों ने विद्यार्थियों में आत्मनिर्भरता, टीमवर्क और नेतृत्व क्षमता को सशक्त किया। आचार्यों ने किया शिविर का निरीक्षण महाविद्यालय के पूर्व आचार्य प्रो. के.के. मिश्र एवं डॉ. के. सिंह ने शिविर स्थल का निरीक्षण कर विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने छात्रों के ज्ञान, कौशल और आत्मविश्वास की सराहना करते हुए शिविर की सफलता पर संतोष व्यक्त किया। प्राचार्य का प्रेरणादायक संदेश महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. परेश कुमार पाण्डेय ने अपने संबोधन में कहा— “यह शिविर केवल प्रशिक्षण नहीं, बल्कि जीवन को सशक्त और अर्थपूर्ण बनाने का माध्यम है। विद्यार्थियों का आत्मविश्वास ही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है।” उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे यहाँ से सीखे गए अनुभवों को समाज में साझा करें और अपने व्यक्तित्व विकास में निरंतर आगे बढ़ें। मुख्य अतिथि का विचार मुख्य अतिथि प्रो. के.के. मिश्र ने कहा कि— “वास्तविक शिक्षा वही है, जो व्यक्ति के भीतर आत्मबल, स्वाभिमान और आत्मविश्वास का संचार करे। यह शिविर सेवा, सहयोग और सामंजस्य का उत्कृष्ट उदाहरण है।” ‘संघे शक्ति’ का संदेश उप-प्राचार्य प्रो. पवन कुमार गुप्त ने संगठन की शक्ति पर जोर देते हुए विद्यार्थियों को इन अनुभवों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया। वहीं मुख्य नियंता डॉ. कुलदीप सिंह ने शिविर को अनुशासन और समर्पण का श्रेष्ठ उदाहरण बताया। विद्यार्थियों ने साझा किए अनुभव कार्यक्रम में प्रतिभागी छात्र-छात्राओं चांदनी, शिक्षा और सत्यम ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस शिविर ने उनके व्यक्तित्व को नई दिशा दी है और उनमें आत्मविश्वास का संचार किया है। ये रहे उपस्थित कार्यक्रम में भारत स्काउट एवं गाइड के प्रशिक्षक रमेश कुमार यादव व बलिराम राजभर, रोवर-रेंजर कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सत्य प्रकाश पाण्डेय एवं प्रतिमा कुमारी मौर्या, सहित महाविद्यालय के सभी आचार्यगण एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. सुधीर कुमार पाण्डेय तथा छायांकन आशीष शर्मा द्वारा किया गया। निष्कर्ष: यह शिविर न केवल प्रशिक्षण का मंच बना, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर आत्मबल, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का संचार कर उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा भी तय कर गया। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation POCSO एक्ट में वांछित आरोपी गिरफ्तार, जलालपुर पुलिस की बड़ी सफलता अबीहा डायग्नोसिस सेंटर को मिली क्लीन चिट, रेडियोलॉजिस्ट द्वारा ही होगा अल्ट्रासाउंड — स्वास्थ्य विभाग ने दी संचालन की अनुमति