खबर की तहतक ✍️ प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के रानीगंज क्षेत्र स्थित छींटपुर गांव में गुरुवार दोपहर उस वक्त खास नज़ारा देखने को मिला, जब अरुणाचल प्रदेश से करीब 2000 किलोमीटर की यात्रा तय कर ‘जात्रा सिंह’ नाम का हाथी गांव पहुंचा। ट्रक के साथ काफिले में शामिल वाहनों के प्रवेश करते ही गांव में उत्सव जैसा माहौल बन गया और गणपति बप्पा के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। यह हाथी अशोक त्रिपाठी द्वारा अपनी मां की इच्छा पूरी करने के लिए गांव लाया गया है। ‘जात्रा सिंह’ का संबंध उनके दिवंगत पिता राम प्रकाश त्रिपाठी के सम्मान से जुड़ा है, जो अरुणाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत रहे थे। सम्मान में मिला उपहार, अब गांव में नया ठिकाना परिजनों के अनुसार, वर्ष 2023 में अरुणाचल प्रदेश के नामसाई शहर के लोगों ने राम प्रकाश त्रिपाठी की स्मृति में उनकी पत्नी केवल देवी को ‘जात्रा सिंह’ हाथी उपहार स्वरूप भेंट किया था। इसके बाद हाथी की देखरेख के लिए वहीं दो कुशल महावत नियुक्त किए गए और उसके खान-पान व रख-रखाव की पूरी व्यवस्था की गई। करीब दो साल पहले अशोक त्रिपाठी की मां ने इच्छा जताई कि हाथी को अपने गांव लाया जाए। नियमानुसार अक्टूबर 2024 में आवेदन किया गया और सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद 6 फरवरी 2026 को अनुमति मिली। दो दिन बाद हाथी को विशेष ट्रक में लादकर अरुणाचल प्रदेश से रवाना किया गया। असम, पश्चिम बंगाल और बिहार होते हुए 12 फरवरी को हाथी प्रतापगढ़ पहुंचा। पूरी यात्रा पर लगभग 1.5 लाख रुपये खर्च हुए। गांव में पूजन, पुष्पवर्षा और उत्सव पांच दिन की लंबी यात्रा के बाद गांव पहुंचते ही पहले दिन हाथी को विश्राम दिया गया। अगले दिन स्नान के बाद उसे मंदिर ले जाकर विधिवत पूजन कराया गया। ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा की और जयकारों के साथ स्वागत किया। कौन हैं अशोक त्रिपाठी प्रतापगढ़ निवासी अशोक त्रिपाठी व्यवसायी हैं और पश्चिम बंगाल व अरुणाचल प्रदेश में होटल व्यवसाय से जुड़े हैं। वे पहले बसपा में रहे और 2017 का विधानसभा चुनाव लड़ा। 2019 में सपा-बसपा गठबंधन से लोकसभा चुनाव भी लड़ा, हालांकि सफलता नहीं मिली। 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले वे भाजपा में शामिल हुए। हाथी रखने के क्या हैं नियम वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत हाथी की खरीद या पकड़ पर सख्त प्रतिबंध है। यदि हाथी उपहार में मिला हो, तब भी वन विभाग को सूचना देना अनिवार्य है। हाथी के निवास, खान-पान, स्वास्थ्य देखरेख और महावत की योग्यता संबंधी विवरण देना होता है। सभी शर्तें पूरी होने और विशेष अनुमति के बाद ही हाथी को रखने की अनुमति मिलती है। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation अम्बेडकरनगर पुलिस को बड़ी सफलता, राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र से वांछित अभियुक्त गिरफ्तार अम्बेडकरनगर: आलापुर पुलिस ने पाक्सो एक्ट से जुड़े मामले में वांछित अभियुक्त को किया गिरफ्तार