खबर की तहतक ✍️ लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। बाराबंकी में आयोजित जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाबरी मस्जिद को लेकर दिए गए बयान पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कड़ा पलटवार किया है। दोनों नेताओं के बयानों से प्रदेश की सियासत में नई बहस छिड़ गई है। बाराबंकी में सीएम योगी का बयान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बाराबंकी में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जो लोग ‘कयामत के दिन’ का सपना देख रहे हैं, वह दिन आने वाला नहीं है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बाबरी मस्जिद अब कभी नहीं बनेगी। सीएम योगी ने कहा कि भाजपा सरकार जो कहती है, वही करती है और कानून का पालन करने वालों को डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण देश की सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने का प्रतीक है और राम सबके हैं। ‘कयामत के लिए मत जियो, कानून मानो’ मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदुस्तान में कायदे से रहना सीखना होगा। कानून का पालन करने वालों को फायदा होगा, जबकि कानून तोड़ने वालों के लिए सख्ती तय है। उन्होंने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ और विकसित भारत के लक्ष्य पर भी जोर दिया। अखिलेश यादव का पलटवार मुख्यमंत्री के बयान पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने नई दिल्ली में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब भाजपा को सत्ता जाने का डर सताने लगता है, तब वह कम्युनल राजनीति करने लगती है। अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि यदि मुख्यमंत्री को उर्दू भाषा से आपत्ति है, तो उन्हें ‘कयामत’ जैसे उर्दू शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक ओर उर्दू का विरोध किया जाता है और दूसरी ओर उसी भाषा के शब्दों का सार्वजनिक मंच से प्रयोग किया जा रहा है। राजनीतिक बयानबाजी तेज इस बयानबाजी के बाद एक बार फिर उत्तर प्रदेश की राजनीति में धर्म, भाषा और विकास को लेकर बहस तेज हो गई है। सत्तारूढ़ भाजपा जहां अपने फैसलों को सांस्कृतिक विरासत से जोड़ रही है, वहीं विपक्ष इसे ध्रुवीकरण की राजनीति बता रहा है। Post Views: 215 Post navigation ₹10 लाख तक कैश ट्रांजैक्शन पर PAN से राहत, होटल बिल की लिमिट ₹1 लाख , 1अप्रैल 2026 से लागू हो सकते है नए इनकम टैक्स नियम कुंभ की वायरल गर्ल मोनालिसा प्रयागराज पहुंचीं, पहली फिल्म की कमाई से खोलेंगी लड़कियों का स्कूल