खबर की तहतक ✍️ लखनऊ। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में देश में शीर्ष स्थान हासिल करने के बाद अब उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस 2.0 के तहत बड़े और ऐतिहासिक सुधारों की ओर बढ़ रही है। दूसरे चरण में 22 प्राथमिक सुधारों का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसका सीधा लाभ किसानों, व्यापारियों, उद्यमियों के साथ-साथ स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और अस्पताल खोलने वालों को मिलेगा। संक्षेप में निजी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय व अस्पताल के लिए न्यूनतम भूमि शर्त खत्म करने की तैयारी किसानों के लिए भूमि उपयोग परिवर्तन होगा आसान नक्शा पास, अग्नि सुरक्षा और लाइसेंसिंग प्रक्रिया होगी सरल सिंगल विंडो सिस्टम और ऑटो-अपील से मिलेगा त्वरित न्याय भूमि और निर्माण सुधारों पर सबसे बड़ा फोकस ईज ऑफ डूइंग बिजनेस 2.0 का सबसे बड़ा फोकस भूमि उपयोग और निर्माण से जुड़े सुधारों पर है। प्रस्ताव है कि भूस्वामियों, विशेषकर किसानों को खेती की भूमि का उपयोग बदलने के लिए लंबी अनुमति प्रक्रिया से राहत दी जाए। अब “सब कुछ अनुमेय होगा, जब तक प्रतिबंधित न हो” की भावना के साथ मांग-आधारित भूमि उपयोग की अनुमति दी जाएगी। मास्टर प्लान बनाते समय ही निर्माण की छूट देने की व्यवस्था होगी, जिससे निवेशकों का समय और लागत दोनों बचेंगे। नक्शा पास और अग्नि सुरक्षा होगी सरल भवन निर्माण से जुड़े परमिट और नक्शा पास कराने की प्रक्रिया को और सरल किया जाएगा। तकनीकी मंजूरियों में रियायतें देने के साथ-साथ अग्नि सुरक्षा मानकों को तर्कसंगत बनाया जाएगा, ताकि सुरक्षा बनी रहे और अनावश्यक सख्ती समाप्त हो। ऑटो-अपील सिस्टम से मिलेगा त्वरित न्याय प्रशासनिक सुधारों के तहत सभी कानून, नियम और शासनादेशों के लिए डिजिटल रिपॉजिटरी बनाई जाएगी। सेवा अधिकार अधिनियम के अंतर्गत ऑटो-अपील सिस्टम लागू होने से आम जनता और उद्यमियों को समयबद्ध न्याय मिल सकेगा। स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय खोलना होगा बेहद आसान शिक्षा क्षेत्र में प्रस्तावित सुधारों को ऐतिहासिक माना जा रहा है। निजी स्कूलों के लिए न्यूनतम भूमि स्वामित्व की बाध्यता समाप्त होगी बुनियादी ढांचे और उपकरणों से जुड़ी शर्तें सरल होंगी निजी विश्वविद्यालयों के लिए न्यूनतम भूमि और एंडोमेंट फंड की शर्तों में कटौती का प्रस्ताव गैर-सरकारी सहायता प्राप्त उच्च शिक्षण संस्थानों के मानकों में भी सरलीकरण इन सुधारों से प्रदेश में शिक्षा क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। अस्पताल और स्वास्थ्य सेवाओं को भी राहत स्वास्थ्य क्षेत्र में सभी विशेष लाइसेंसों के लिए एकल नोडल एजेंसी नियुक्त की जाएगी। डॉक्टरों के पंजीकरण, एनओसी और अन्य प्रक्रियाएं सरल होंगी। बिजली कनेक्शन तेजी से मिलेगा और पर्यावरण से जुड़ी मंजूरियों को भी आसान किया जाएगा। कारोबारियों को दोहरे लाइसेंस से मुक्ति व्यापार व लाइसेंसिंग सुधारों में दोहरे लाइसेंस सिस्टम को समाप्त करने का प्रस्ताव है। दुकानों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के नियम उदार होंगे। औद्योगिक क्लस्टरों में सभी अनुमोदनों के लिए राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण को नोडल एजेंसी बनाया जाएगा। एमएसएमई को स्व-घोषणा और निरीक्षण से राहत देकर भरोसे की नीति अपनाई जाएगी। प्रदेश स्तरीय कमेटी गठित ईज ऑफ डूइंग बिजनेस 2.0 के सुधारों के लिए मुख्य सचिव के निर्देश पर सचिव आवास डॉ. बलकार सिंह की अध्यक्षता में प्रदेश स्तरीय कमेटी गठित की गई है। इसमें लखनऊ, गाजियाबाद और वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष सदस्य हैं, जबकि मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक संयोजक हैं। दो महीने में लागू करने की योजना लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के अनुसार, > “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के दूसरे चरण के लिए बड़े पैमाने पर सुधार प्रस्तावित हैं। आने वाले दो महीनों में इन्हें लागू करने की योजना है, जिससे प्रदेश में व्यवसाय और उद्योग स्थापित करना और आसान होगा।” Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation शिक्षकों को अवकाश के दिन जबरन बुलाना पड़ेगा महंगा, शासन अपनाएगा सख्त रुख अम्बेडकरनगर पुलिस को बड़ी सफलता, मोबाइल रिकवरी सेल ने 111 गुमशुदा मोबाइल किए बरामद