खबर की तहतक ✍️| लखनऊ उत्तर प्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत निजी विद्यालयों में होने वाले प्रवेश को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। नए नियमों के अनुसार किराए के मकान में रहने वाले अभिभावकों के बच्चों को RTE के अंतर्गत प्रवेश नहीं मिलेगा। प्रवेश के लिए रजिस्ट्रार कार्यालय में आवास का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग के मुताबिक, इस बदलाव का उद्देश्य पात्रता की स्पष्टता और प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही यूनिफॉर्म की धनराशि अब सीधे अभिभावकों के बैंक खाते में निदेशालय स्तर से भेजी जाएगी, जिसके लिए आधार-बैंक सत्यापन जरूरी होगा। 2 फरवरी से शुरू होंगे ऑनलाइन आवेदन राजधानी लखनऊ में RTE के तहत संचालित 1576 निजी विद्यालयों की लगभग 21,000 सीटों पर प्रवेश के लिए 2 फरवरी से ऑनलाइन आवेदन शुरू होंगे। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि प्रवेश से जुड़े सभी दस्तावेजों की ऑनलाइन कॉपी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी, जिन्हें संबंधित निजी स्कूलों के प्रबंधक व प्रधानाचार्य अपनी यूजर आईडी से सत्यापित कर सकेंगे। इससे कमजोर वर्ग के बच्चों के प्रवेश में पारदर्शिता बढ़ेगी। सीटें और स्कूलों की संख्या में बढ़ोतरी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विपिन कुमार के अनुसार, पिछले वर्ष 1398 निजी स्कूलों में 18,000 सीटों पर आवेदन हुए थे। इस वर्ष स्कूलों और सीटों—दोनों की संख्या में इजाफा हुआ है। निजी विद्यालयों में प्रवेश लेने वाले बच्चों की फीस विभाग द्वारा वहन की जा रही है, जिसके लिए स्कूलों से आवश्यक डाटा मांगा गया है। आवेदन की चरणवार तिथियां पहला चरण: 2 से 16 फरवरी दूसरा चरण: 21 फरवरी से 7 मार्च तीसरा चरण: 12 से 25 मार्च लॉटरी की तिथियां: पहली लॉटरी: 18 फरवरी दूसरी लॉटरी: 9 मार्च तीसरी लॉटरी: 27 मार्च प्रवेश के लिए आवश्यक दस्तावेज RTE के तहत शहरी क्षेत्र के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को ही प्रवेश मिलेगा। जारी आदेश के अनुसार आवेदन के समय निम्न दस्तावेज अनिवार्य होंगे— तहसीलदार द्वारा निर्गत जाति प्रमाण पत्र निवास प्रमाण पत्र राशन कार्ड ग्रामीण क्षेत्र के लिए जॉब कार्ड चिकित्सा प्रमाण पत्र आधार कार्ड निर्धारित मानकों के अनुरूप दस्तावेज होने पर ही आवेदन मान्य होगा। खबर की तहतक Post Views: 146 Post navigation SC/ST एक्ट खत्म कराने को होगा आंदोलन, सस्पेंड PCS अफसर अलंकार अग्निहोत्री का बड़ा ऐलान बजट के लाइव प्रसारण पर भाजपा नेताओं ने जताया उत्साह, इसे बताया “सबका साथ–सबका विकास” का साकार रूप