SC/ST एक्ट खत्म कराने को होगा आंदोलन, सस्पेंड PCS अफसर अलंकार अग्निहोत्री का बड़ा ऐलान

खबर की तहतक ✍️|

कानपुर

बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने के बाद सुर्खियों में आए सस्पेंड पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने अब SC/ST एक्ट को लेकर बड़ा और विवादित ऐलान किया है। उन्होंने इस कानून को “काला कानून” बताते हुए इसे समाप्त कराने के लिए देशव्यापी आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है।

कानपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि यदि केंद्र सरकार ने निर्धारित समय के भीतर संसद का विशेष सत्र बुलाकर इस कानून पर पुनर्विचार नहीं किया, तो वे राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे। उनका दावा है कि देशभर के हजारों सामाजिक संगठन उनके समर्थन में खड़े हैं और वे इस कानून को खत्म कराकर ही दम लेंगे।

“95 प्रतिशत से अधिक मामले फर्जी” का दावा

सस्पेंड पीसीएस अधिकारी का कहना है कि SC/ST एक्ट के तहत दर्ज होने वाले मामलों में 95 प्रतिशत से अधिक शिकायतें फर्जी होती हैं, जिनका उपयोग व्यक्तिगत रंजिश और दबाव बनाने के लिए किया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कानून के दुरुपयोग से निर्दोष लोग वर्षों तक कानूनी लड़ाई लड़ने को मजबूर होते हैं।

UGC नियमों के बाद अब SC/ST एक्ट पर खुला मोर्चा

गौरतलब है कि इससे पहले अलंकार अग्निहोत्री UGC के नए नियमों के विरोध को लेकर भी चर्चा में रहे हैं। अब SC/ST एक्ट को लेकर उनका खुला विरोध राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस को जन्म दे रहा है।

प्रशासन और सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार

अलंकार अग्निहोत्री के इस ऐलान के बाद प्रशासनिक महकमे और राजनीतिक दलों की निगाहें सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि SC/ST एक्ट एक संवैधानिक संरक्षण वाला कानून है, जिस पर किसी भी प्रकार का बदलाव संवेदनशील और व्यापक विमर्श की मांग करता है।

फिलहाल, अलंकार अग्निहोत्री के आंदोलन के ऐलान ने एक बार फिर SC/ST एक्ट के दुरुपयोग बनाम आवश्यकता की बहस को तेज कर दिया है।

— खबर की तहतक

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