खबर की तहतक ✍️| संवाददाता- पुनीत दूबे आलापुर (अम्बेडकर नगर)। काफी लंबे अरसे बाद आलापुर की धरती पर जनआक्रोश का ऐसा दृश्य देखने को मिला, जब यूजीसी (यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन) विधेयक के विरोध में सवर्ण आर्मी एवं प्रबुद्ध जनों की अगुवाई में विशाल शांति मार्च निकाला गया। रामनगर स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर से शुरू होकर यह मार्च आलापुर तहसील मुख्यालय तक पहुंचा, जिसमें हजारों लोगों की लंबी कतारें सड़कों पर नजर आईं। शांति मार्च में भय, आक्रोश और क्षोभ का मिला-जुला ज्वार देखने को मिला। विभिन्न वर्गों के लोगों ने यूजीसी विधेयक के विरुद्ध खुलकर अपना विरोध दर्ज कराया। खास बात यह रही कि इस आंदोलन में दलीय सीमाएं टूटती नजर आईं और सत्तापक्ष से जुड़े नेताओं ने भी विरोध में शामिल होने से परहेज नहीं किया। शांति मार्च में पिछड़ा, अति पिछड़ा, अनुसूचित जाति एवं अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े लोगों ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी की। महिलाओं की सक्रिय उपस्थिति ने आंदोलन को और मजबूती प्रदान की। भारतीय जनता पार्टी के गोविंद साहब मंडल अध्यक्ष विनय पाण्डेय, पूर्व मंडल अध्यक्ष भगवान पाण्डेय, मंडल महामंत्री विक्रमादित्य यादव, मंडल उपाध्यक्ष दूधनाथ कन्नौजिया, किसान मोर्चा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष श्यामनाथ शुक्ला, भाजपा के काशी प्रांत के पूर्व कार्यालय प्रभारी अनूप सिंह पिंटू, अनिल सिंह सहित अनेक पदाधिकारी, बूथ व शक्ति केंद्र संयोजक शांति मार्च में शामिल रहे। इसके साथ ही भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं जिला पंचायत सदस्य श्रीकांत कन्नौजिया, पूर्व मंडल अध्यक्ष कृष्ण भगवान मिश्रा, अभय सिंह मोनू, गुड्डू सिंह सहित दर्जनों नेताओं की उपस्थिति ने मार्च को राजनीतिक रूप से भी खास बना दिया। अधिवक्ता संघ अध्यक्ष सुनीत द्विवेदी अपनी पूरी टीम के साथ शांति मार्च में शामिल हुए। वहीं जहांगीरगंज नगर पंचायत के सभासद बालगोविंद त्रिपाठी, शशिकांत दूबे मिंकी और नरेंद्र देव मिश्र ने भी सहभागिता निभाई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सेवा प्रमुख कमलेश मिश्र स्वयंसेवकों की टीम के साथ मार्च में शामिल हुए। अल्पसंख्यक समुदाय के कई लोगों की मौजूदगी ने इसे सर्वसमावेशी आंदोलन का रूप दिया। मार्च के समापन पर सवर्ण आर्मी जिलाध्यक्ष राहुल उपाध्याय, अधिवक्ता संघ अध्यक्ष सुनीत द्विवेदी, एडवोकेट शेषनाथ सिंह, बाजीराव पेशवा संघ के अध्यक्ष गुलाब सिंह, भाजपा नेता अनूप सिंह, आरएसएस सेवा प्रमुख कमलेश मिश्र, राजेश पाण्डेय तथा लोक गायक सौरभ शुक्ल गर्ग, अनादि उपाध्याय और अजय उपाध्याय ने सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शांतिपूर्ण एवं अनुशासित आयोजन के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। शांति और एकजुटता के साथ निकला यह मार्च यूजीसी विधेयक के विरोध में आलापुर की एक मजबूत और ऐतिहासिक आवाज बनकर सामने आया। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation जलालपुर में दर्दनाक सड़क हादसा: अज्ञात चार पहिया वाहन की टक्कर से बाइक सवार दो युवक गंभीर सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा अभियान: एनएचएआई ने नुक्कड़ नाटक व गीतों के जरिए राहगीरों को किया जागरूक