खबर की तहतक ✍️ संवाददाता आशीष चौधरी| अंबेडकरनगर अंबेडकरनगर जनपद के जलालपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत डी भियाँव में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत कराए जा रहे कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितता और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। यहां मास्टर रोल में दर्ज मजदूरों की संख्या और धरातल पर कार्य कर रहे मजदूरों की वास्तविक संख्या में भारी अंतर पाया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मनरेगा के मास्टर रोल में 36 मजदूरों को कार्यरत दर्शाया गया, जबकि मौके पर निरीक्षण के दौरान केवल 18 मजदूर ही कार्य करते पाए गए। शेष मजदूरों की उपस्थिति केवल कागजों में दर्शाई जा रही थी। आरोप है कि इस प्रकार की अनियमितता ग्राम प्रधान द्वारा नियमित रूप से की जा रही है। मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए स्थल पर जाकर जीपीएस कैमरे के माध्यम से कार्यरत मजदूरों के फोटो और वीडियो रिकॉर्ड किए गए, जिनसे यह स्पष्ट हुआ कि वास्तविक संख्या मास्टर रोल से काफी कम है। इससे मनरेगा में फर्जी हाजिरी और सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका गहराती जा रही है। इस पूरे प्रकरण की जानकारी खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) जलालपुर दिनेश राम को दी गई है। बीडीओ ने मामले को गंभीर बताते हुए गहन जांच कराने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि जांच में यदि अनियमितता की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस तरह के मामलों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होंगे। अब सबकी निगाहें प्रशासन की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं। खबर की तह तक जनहित, पारदर्शिता और जवाबदेही—हर खबर सटीक और तथ्य के साथ Post Views: 226 Post navigation अंबेडकरनगर: सोना दिलाने के नाम पर दो लाख की ठगी, डायल-112 के दो सिपाही समेत तीन गिरफ्तार छात्रों के लिए खुशखबरी: सीएम योगी आज करेंगे छात्रवृत्ति का वितरण, सीधे खातों में पहुंचेगी राशि