भारत अब बेहद जरूरी भागीदार बन गया है’, ट्रंप के टैरिफ से भारत को फायदा, यूरोपीय संघ ने माना लोहा

खबर की तहतक ✍️ डिजिटल डेस्क

नई दिल्ली।

अमेरिका की ओर से टैरिफ बढ़ाने की धमकियों के बीच भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा कूटनीतिक समर्थन मिला है। यूरोपीय संघ (EU) ने खुले तौर पर स्वीकार किया है कि मौजूदा वैश्विक हालात में भारत उसकी रणनीति के लिए बेहद अहम और जरूरी साझेदार बन चुका है। यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा टैरिफ नीति को फिर से आक्रामक बनाने के संकेत दिए जा रहे हैं।

यूरोपीय संघ की विदेश मामलों और सुरक्षा नीति की हाई रिप्रेजेंटेटिव काजा कल्लास ने बुधवार, 21 जनवरी को कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के रिश्तों में अब एक महत्वपूर्ण और निर्णायक बदलाव देखने को मिल रहा है। भारत दौरे से पहले दिए गए अपने बयान में उन्होंने दोनों को रणनीतिक साझेदार बताते हुए कहा कि वैश्विक व्यापार, सुरक्षा और भू-राजनीतिक संतुलन में भारत की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।

काजा कल्लास के अनुसार, अमेरिका की टैरिफ नीति से जहां कई देश दबाव में हैं, वहीं भारत को इसका रणनीतिक और आर्थिक लाभ मिल सकता है। यूरोपीय संघ अब भारत को न सिर्फ एक बड़ा बाजार मानता है, बल्कि उसे विश्वसनीय सप्लाई चेन पार्टनर के रूप में भी देख रहा है।

सूत्रों के अनुसार, भारत-यूरोपीय संघ संबंधों की इसी मजबूती का संकेत गणतंत्र दिवस 2026 में भी देखने को मिल सकता है। कूटनीतिक हलकों में चर्चा है कि EU की शीर्ष लीडरशिप को 2026 के गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जा सकता है, जो दोनों पक्षों के बढ़ते विश्वास और सहयोग का प्रतीक होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप की संभावित टैरिफ नीतियों के चलते अमेरिका और यूरोप के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ सकता है, ऐसे में भारत एक संतुलनकारी और भरोसेमंद विकल्प के रूप में उभर रहा है। इससे भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को भी नई गति मिलने की संभावना है।

कुल मिलाकर, बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत की बढ़ती अहमियत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब वह केवल एक उभरती अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि वैश्विक रणनीति का केंद्रबिंदु बन चुका है।

— खबर की तह तक

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