खबर की तहतक ✍️ जनपद लखनऊ से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश सरकार ने छात्र हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए कक्षा 9 एवं 10 के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति राशि में वृद्धि की है। यह जानकारी अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट के आधार पर सामने आई है। पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के अंतर्गत अभिभावकों की वार्षिक आय सीमा 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये कर दी गई है। साथ ही कक्षा 9 व 10 के विद्यार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति राशि 2250 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये कर दी गई है। उन्होंने बताया कि यह निर्णय योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा छात्र हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है और वर्ष 2026-27 में लगभग 38 लाख विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलने की संभावना है। प्रेस वार्ता में दिव्यांगजन पेंशन को भी बढ़ाकर 1000 रुपये से 1500 रुपये प्रतिमाह किए जाने की जानकारी दी गई। सरकार के अनुसार पेंशन मद में लगभग 1400 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। छात्रवृत्ति वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए अब वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन तक प्रतीक्षा करने की आवश्यकता नहीं होगी। विभाग द्वारा 25 सितंबर से ही छात्रवृत्ति वितरण प्रारंभ किए जाने की व्यवस्था लागू की गई है। इस अवसर पर समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने बताया कि सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए भी आय सीमा 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये करने पर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है, जिसे आगामी वित्त वर्ष से लागू किया जाएगा। इसके अतिरिक्त पिछड़े वर्ग की गरीब बेटियों के विवाह हेतु संचालित शादी अनुदान योजना में आय सीमा बढ़ाकर 1 लाख रुपये वार्षिक कर दी गई है, जिससे अधिक पात्र परिवारों को योजना का लाभ मिल सकेगा। सरकार का कहना है कि इन निर्णयों से प्रदेश के लाखों छात्र-छात्राओं को आर्थिक सहायता प्राप्त होगी और शिक्षा को प्रोत्साहन मिलेगा। Post navigation उन्नाव में अखिलेश यादव का बीजेपी पर हमला, कई मुद्दों पर उठाए सवाल जयमाल के दौरान दुल्हन को मारी गोली, शादी समारोह में मची अफरा-तफरी