खबर की तहतक | लखनऊ उत्तर प्रदेश में संभावित आपात स्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए राज्य सरकार द्वारा आगामी 23 जनवरी को व्यापक स्तर पर सुरक्षा मॉकड्रिल आयोजित की जा रही है। इस अभ्यास के तहत प्रदेश के 75 जिलों में एक साथ ब्लैकआउट सायरन बजाया जाएगा और नागरिकों को निर्धारित समयावधि तक सभी प्रकार की लाइटें बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। यह मॉकड्रिल नागरिक सुरक्षा, पुलिस प्रशासन, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य सेवाओं और आपदा प्रबंधन इकाइयों के आपसी समन्वय को परखने के उद्देश्य से की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, अभ्यास के दौरान संचार व्यवस्था, त्वरित प्रतिक्रिया और जन-सहयोग की स्थिति का वास्तविक आकलन किया जाएगा। क्या है ब्लैकआउट मॉकड्रिल का उद्देश्य? आपात/हवाई खतरे जैसी परिस्थितियों में ब्लैकआउट प्रक्रिया की प्रभावशीलता जांचना सायरन अलर्ट पर जनता की प्रतिक्रिया और अनुपालन का मूल्यांकन सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता और रिस्पॉन्स टाइम का परीक्षण आवश्यक सेवाओं के बीच कोऑर्डिनेशन मजबूत करना जनता के लिए प्रशासन की अपील सायरन बजते ही घर, दुकान, कार्यालय की सभी लाइटें बंद रखें अनावश्यक आवाजाही से बचें, अफवाहों पर ध्यान न दें प्रशासन/पुलिस के निर्देशों का पूरी तरह पालन करें यह एक अभ्यास है, घबराने की आवश्यकता नहीं प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह मॉकड्रिल पूरी तरह पूर्व नियोजित है और इसका उद्देश्य जनता को डराना नहीं, बल्कि सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है। अभ्यास के सफल संचालन के लिए नागरिकों से सहयोग की अपील की गई है। — खबर की तहतक Post Views: 236 Post navigation सीताघाट पर निषादराज व वीर एकलव्य के भव्य मंदिर का हुआ उद्घाटन प्रयागराज में 20 जनवरी तक सभी स्कूल बंद, मकर संक्रांति व मौनी अमावस्या स्नान को लेकर प्रशासन का निर्णय