खबर की तहतक वेब पोर्टल प्रदेश सरकार ने ग्रामीण परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य की प्रत्येक ग्राम पंचायत तक रोडवेज बस सेवा पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। इस फैसले से जहां ग्रामीण इलाकों के लोगों को सुरक्षित, सुलभ और सस्ती परिवहन सुविधा मिलेगी, वहीं लंबे समय से अनियमित रूप से चल रही डग्गेमार बसों पर भी प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा। सरकारी सूत्रों के अनुसार, जिन ग्रामीण मार्गों पर रोडवेज बसों का संचालन फिलहाल संभव नहीं है, वहां डग्गेमार या निजी बसों को अनुबंध के तहत चलाया जाएगा। इन बसों को तय मानकों और शर्तों के अनुसार संचालन की अनुमति दी जाएगी, जिससे यात्रियों की सुरक्षा, किराया और समय-सारिणी पर निगरानी रखी जा सके। ग्रामीणों को होगा सीधा लाभ इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों, किसानों, मजदूरों और बुजुर्गों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। अब उन्हें तहसील, जिला मुख्यालय या बड़े शहरों तक पहुंचने के लिए निजी साधनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और रोजगार के अवसरों तक पहुंच भी आसान होगी। डग्गेमार बसों पर लगेगा अंकुश अब तक ग्रामीण मार्गों पर बिना अनुमति और तय नियमों के चल रही डग्गेमार बसें यात्रियों से मनमाना किराया वसूलती थीं। नई व्यवस्था के तहत इन बसों को रोडवेज के साथ अनुबंधित कर नियमों में बांधा जाएगा। इससे दुर्घटनाओं में कमी आने और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है। रोजगार के नए अवसर इस योजना के लागू होने से स्थानीय स्तर पर ड्राइवरों, कंडक्टरों और तकनीकी स्टाफ के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जल्द से जल्द रूट सर्वे कर योजना को धरातल पर उतारा जाए। उम्मीद है कि आने वाले समय में प्रदेश के हर गांव तक बस सेवा पहुंचकर ग्रामीण जीवन को नई गति देगी। Post navigation यूपी के इस जिले में बनेगा गुजरात जैसा गंगा रिवरफ्रंट, 3 हजार करोड़ की परियोजना से जुड़ेंगे घाट और मंदिर फोर्ड क्लास एयरक्राफ्ट कैरियर: 1 लाख करोड़ का दैत्य, जिसे 25 साल तक नहीं चाहिए फ्यूल; समंदर में अमेरिका का अजेय महाबली