UP News | लखनऊ खबर की तहतक वेब पोर्टल लखनऊ। उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण विभाग ने आउटसोर्सिंग के माध्यम से की गई भर्तियों की व्यापक जांच कराने का फैसला लिया है। यह निर्णय अभ्युदय कोचिंग योजना में अयोग्य कोर्स कोऑर्डिनेटरों की नियुक्ति का मामला सामने आने के बाद लिया गया है। विभाग को आशंका है कि आउटसोर्सिंग प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी कर अपात्र लोगों को नौकरी दी गई है। समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में विभाग में आउटसोर्सिंग के जरिए नियुक्त करीब 460 कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया की जांच कराई जाएगी। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि नियुक्तियों में तय मानकों, योग्यता और प्रक्रिया का पालन किया गया या नहीं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर अनियमितता, साठगांठ या घपला सामने आता है तो संबंधित एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर नियुक्तियां निरस्त करने और एफआईआर दर्ज कराने तक की कार्रवाई संभव है। सरकार का कहना है कि समाज कल्याण से जुड़ी योजनाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अभ्युदय कोचिंग जैसी महत्वाकांक्षी योजना में योग्य और सक्षम कार्मिकों की नियुक्ति सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। फिलहाल विभाग ने जांच की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दे दिए हैं और जल्द ही रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। Post Views: 115 Post navigation यूपी में बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा: एक ही स्कूल में दो बेटियां पढ़ेंगी तो एक की फीस होगी माफ बृजभूषण सिंह के जन्मदिन पर ‘शाही’ तोहफा, लंदन से आया 2.5 करोड़ का घोड़ा