खबर की तहतक | लखनऊ ब्यूरो उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण नागरिकों की सुविधा के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब आधार बनवाने या उसमें संशोधन के लिए लोगों को तहसील या जिला मुख्यालय नहीं जाना पड़ेगा। प्रदेश की एक हजार ग्राम पंचायतों में आधार सेवा केंद्र खोले जाएंगे, जिससे ग्रामीणों को समय, पैसा और परेशानी—तीनों से राहत मिलेगी। उत्तर प्रदेश में डिजिटल सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में राज्य सरकार ने एक हजार ग्राम पंचायतों में आधार सेवा केंद्र खोलने का निर्णय लिया है। इन केंद्रों के खुलने से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आधार नामांकन, पता संशोधन, मोबाइल नंबर अपडेट, फोटो व बायोमेट्रिक सुधार जैसी सेवाएं अपने ही गांव में उपलब्ध हो सकेंगी। ग्रामीणों को मिलेगी बड़ी राहत अब तक आधार से जुड़ी सेवाओं के लिए ग्रामीणों को कई किलोमीटर दूर शहरों या ब्लॉक मुख्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। लंबी कतारें, समय की बर्बादी और अतिरिक्त खर्च आम समस्या थी। नए आधार सेवा केंद्र खुलने से ये सभी परेशानियां काफी हद तक खत्म होंगी। डिजिटल इंडिया को मिलेगी मजबूती सरकार का यह कदम डिजिटल इंडिया मिशन को भी मजबूती देगा। गांवों में ही आधार सेवाएं उपलब्ध होने से सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और तेज़ी से पात्र लोगों तक पहुंचेगा। पेंशन, राशन, छात्रवृत्ति, किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं में आधार अपडेट न होने से जो दिक्कतें आती थीं, वे भी कम होंगी। रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे इन आधार सेवा केंद्रों के संचालन से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। पंचायत स्तर पर तकनीकी रूप से प्रशिक्षित युवाओं को काम मिलने की संभावना है। जल्द शुरू होगी प्रक्रिया सरकारी सूत्रों के अनुसार, चयनित ग्राम पंचायतों में जल्द ही केंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए आवश्यक उपकरण, इंटरनेट सुविधा और प्रशिक्षित ऑपरेटर की व्यवस्था की जाएगी। खबर की तहतक मानता है कि यह पहल ग्रामीण जनता के लिए न सिर्फ सुविधा बढ़ाने वाली है, बल्कि शासन-प्रशासन और आम नागरिकों के बीच की दूरी को भी कम करेगी। Post navigation तमसा–बिसुही नदी के संगम तट पर रपटा पुल निर्माण शुरू, लंबाई कम होने पर ग्रामीणों में आक्रोश कुछ मिनट और देर होती तो बुझ जातीं सांसें , निगोहां पुलिस की सतर्कता से बची युवक की जान