ऑपरेशन वज्रपात के तहत सोशल मीडिया गैंगों पर पुलिस का शिकंजा, 76 गैंग रडार पर

खबर की तहतक

आजमगढ़।

सोशल मीडिया पर कथित तौर पर हथियारों का प्रदर्शन कर दबंगई दिखाने, आपराधिक छवि गढ़ने और युवाओं को गलत दिशा में प्रभावित करने वाले समूहों के खिलाफ आजमगढ़ पुलिस ने व्यापक अभियान छेड़ दिया है। “ऑपरेशन वज्रपात” के तहत जनपद पुलिस अब ऐसे गैंगों की पहचान कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई कर रही है। पुलिस के अनुसार अब तक 76 सोशल मीडिया गैंग चिन्हित किए जा चुके हैं, जबकि कई मामलों में मुकदमे दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी भी की गई है।

तहतक को प्राप्त जानकारी के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चल रहे इस अभियान का उद्देश्य सोशल मीडिया के माध्यम से अपराध और हथियारों की संस्कृति को बढ़ावा देने वाले तत्वों पर प्रभावी अंकुश लगाना है। पुलिस का मानना है कि इस तरह की गतिविधियां न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती हैं, बल्कि युवाओं को भी गलत संदेश देती हैं।

पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम को जांच के दौरान ऐसे कई अकाउंट और समूह मिले, जिन पर कथित रूप से हथियारों के साथ वीडियो और रील साझा किए जा रहे थे। इन्हीं में से एक तथाकथित “9959 गैंग” भी पुलिस के संज्ञान में आया, जिसके सदस्य सोशल मीडिया पर अपने वीडियो प्रसारित कर रहे थे।

जांच के आधार पर थाना कंधरापुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार उसके कब्जे से एक अवैध 12 बोर पम्प एक्शन गन, दो जिंदा कारतूस तथा एक वाहन बरामद किया गया है। बरामद सामग्री को विधिक प्रक्रिया के तहत सीज कर दिया गया है। वहीं मामले में नामजद एक अन्य व्यक्ति की तलाश जारी है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर अपराधी छवि का प्रचार-प्रसार करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। अब तक अभियान के तहत कई मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं और अनेक आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की गई है।

जनपद पुलिस ने नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति या समूह द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से हथियारों का प्रदर्शन, भय का माहौल बनाने का प्रयास अथवा आपराधिक गतिविधियों का प्रचार-प्रसार किया जाता है, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी जाए। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा ऑपरेशन वज्रपात अब जनपद में अपराध के डिजिटल नेटवर्क पर भी पुलिस की पैनी नजर का संकेत माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत यह अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा।

डिस्क्लेमर :

यह समाचार पुलिस अधिकारियों द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर तहतक द्वारा प्रकाशित किया जा रहा है। समाचार में वर्णित आरोप एवं बरामदगी संबंधी दावे पुलिस अभिलेखों और जांच से संबंधित हैं। किसी भी आरोपी को तब तक दोषी नहीं माना जा सकता जब तक सक्षम न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध न कर दिया जाए। तहतक निष्पक्ष, तथ्यपरक और विधि-संगत पत्रकारिता के मानकों का पालन करते हुए पाठकों तक सूचनाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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