लखनऊ | वेब पोर्टल: खबर की तहतक उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी और परिषदीय विद्यालयों में दाखिले की प्रक्रिया को सरल और अभिभावक-हितैषी बनाते हुए बड़ा निर्णय लिया है। अब विद्यालयों में प्रवेश के लिए बच्चे के आधार कार्ड की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। इसके स्थान पर अभिभावक के आधार कार्ड के माध्यम से ही दाखिले का आवेदन किया जा सकेगा। शिक्षा विभाग द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार यह व्यवस्था आगामी शैक्षणिक सत्र से लागू होगी। सरकार का उद्देश्य उन बच्चों को भी शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है, जिनका आधार कार्ड अभी नहीं बन पाया है। क्यों लिया गया यह फैसला? ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के कई बच्चों का आधार कार्ड समय पर नहीं बन पाता, जिससे उनका दाखिला अटक जाता था। इस समस्या को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रवेश प्रक्रिया में यह व्यावहारिक बदलाव किया है। क्या रहेगा जरूरी? अभिभावक का वैध आधार कार्ड बच्चे की आयु प्रमाण से संबंधित दस्तावेज (जैसे जन्म प्रमाण पत्र) निवास प्रमाण (आवश्यक होने पर) शिक्षा विभाग का क्या कहना है? शिक्षा अधिकारियों के अनुसार, यह निर्णय शिक्षा के अधिकार अधिनियम (RTE) की भावना के अनुरूप है और इससे किसी भी बच्चे की पढ़ाई दस्तावेजों के अभाव में नहीं रुकेगी। साथ ही, डेटा सत्यापन और पारदर्शिता के लिए अभिभावक का आधार पर्याप्त माना गया है। अभिभावकों को मिलेगी राहत इस फैसले से खासतौर पर प्राथमिक कक्षाओं में प्रवेश लेने वाले बच्चों के अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी। अब उन्हें आधार बनवाने की प्रक्रिया पूरी होने तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। राज्य सरकार का मानना है कि यह कदम स्कूल ड्रॉपआउट दर को कम करने और सर्वशिक्षा अभियान को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाएगा। Post Views: 178 Post navigation प्रयागराज मौसम पूर्वानुमान: गलन भरी ठंड से राहत नहीं, न्यूनतम तापमान 6°C पर पहुंचा विराट हिन्दू सम्मेलन में ‘धर्म योद्धा’ बनने का आह्वान