खबर की तह तक | वेब पोर्टल जलालपुर, अम्बेडकर नगर। नगर पालिका परिषद जलालपुर में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं का आक्रोश उस समय खुलकर सामने आ गया, जब अधिशासी अधिकारी (ईओ) वार्ता के दौरान बिना कोई संतोषजनक जवाब दिए बैठक छोड़कर चले गए। इस घटनाक्रम से भाजपा नेताओं में गहरी नाराजगी देखी गई। भाजपा नगर अध्यक्ष संदीप अग्रहरि के नेतृत्व में पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल नगर पालिका के कार्यों में हो रही कथित अनियमितताओं को लेकर ज्ञापन सौंपने ईओ से मिला था। प्रतिनिधिमंडल का आरोप है कि वार्ता के दौरान जब भ्रष्टाचार से जुड़े बिंदुओं पर स्पष्ट जवाब मांगा गया, तो ईओ चर्चा अधूरी छोड़कर चले गए, जिससे जनप्रतिनिधियों का अपमान हुआ है। इस मौके पर वरिष्ठ नेता केशव प्रसाद श्रीवास्तव, संजीव कुमार मिश्र, नगर महामंत्री आनंद मिश्र, नगर उपाध्यक्ष अरुण मिश्र, दीपचंद सोनी सहित अन्य नेताओं ने दो टूक कहा कि नगर पालिका में फैले भ्रष्टाचार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि आरोपों की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। विधान परिषद सदस्य प्रतिनिधि कृष्ण गोपाल गुप्ता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नगर पालिका में इंटरलॉकिंग, नाली निर्माण समेत लगभग सभी कार्यों में 40 प्रतिशत तक कमीशनखोरी की चर्चा आम है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्यों में मानकविहीन सीमेंट ईंटों का इस्तेमाल किया जा रहा है और आईएसआई मार्का ईंटें कहीं नजर नहीं आतीं। इतना ही नहीं, चर्चा है कि नगर पालिका अध्यक्ष प्रति ईंट दो रुपये अतिरिक्त कमीशन लेते हैं, जिससे लाखों रुपये की अवैध कमाई हो रही है। भ्रष्टाचार के अन्य मामलों का जिक्र करते हुए बताया गया कि गृह कर सर्वेक्षण के लिए एक नई सॉफ्टवेयर कंपनी को टेंडर दिया गया है, जबकि पूर्व में कार्यरत कंपनी का मात्र 2,31,000 रुपये भुगतान शेष था। आरोप है कि अनुचित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से नई कंपनी को लगभग 20 लाख रुपये का ठेका दे दिया गया। साथ ही यह भी आरोप लगाए गए कि नगर पालिका अध्यक्ष अपने चहेतों को कोटेशन के जरिए कार्य और सप्लाई देकर नियमों को ताक पर रख रहे हैं। इस दौरान किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष राम किशोर राजभर, विकास निषाद, पूर्व नगर अध्यक्ष देवेश मिश्र, सभासद लालचंद, दिलीप यादव, विक्की गौतम एवं वरिष्ठ लिपिक रामप्रकाश पांडेय भी मौजूद रहे। भाजपा नेताओं ने मांग की है कि नगर पालिका के सभी कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। अब देखना यह है कि प्रशासन इन गंभीर आरोपों पर क्या रुख अपनाता है या मामला यूं ही ठंडे बस्ते में चला जाता है। Post navigation अम्बेडकरनगर में वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश, चोर गैंग पर पुलिस का शिकंजा, 08 बाइक बरामद, तीसरा आरोपी फरार आग का तांडव: गरीब परिवार का आशियाना पल भर में राख, खुले आसमान के नीचे आई जिंदगी