खबर की तहतक ✍️ कन्नौज (उत्तर प्रदेश) उत्तर प्रदेश के Kannauj जिले से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है, जहां एक छोटी सी डांट ने मासूम की जिंदगी छीन ली। क्या है पूरा मामला सौरिख थाना क्षेत्र के बेहटा रामपुर गांव स्थित एक कंपोजिट विद्यालय की कक्षा 5 की छात्रा (लगभग 10 वर्ष) ने आत्महत्या कर ली। आरोप है कि छात्रा को गंदे कपड़े पहनकर स्कूल आने और साफ-सफाई न रखने पर शिक्षिका ने डांटा। जिससे वह बेहद आहत हो गई। घटना कैसे हुई छात्रा रोते हुए घर पहुंची और बिना कुछ बताए कमरे में चली गई। कुछ देर बाद उसने साड़ी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। छोटी बहन ने सबसे पहले उसे देखा और शोर मचाया। परिवार का आरोप और हंगामा परिजनों का आरोप है कि शिक्षिका ने सबके सामने अपमानित किया, जिससे बच्ची मानसिक रूप से टूट गई। गुस्साए परिजन शव लेकर स्कूल पहुंचे और जमकर हंगामा किया। पुलिस की कार्रवाई पुलिस ने चार शिक्षकों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। मामले की जांच जारी है। बड़ा सवाल यह घटना सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि स्कूलों में बच्चों के साथ व्यवहार, मानसिक दबाव और संवेदनशीलता पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। 👉 छोटी-सी डांट या अपमान भी बच्चों पर गहरा असर डाल सकता है—इसलिए अभिभावकों और शिक्षकों दोनों के लिए यह गंभीर चेतावनी है। Post navigation इटावा (उत्तर प्रदेश) से सामने आई इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। टांडा पुलिस ने वांछित अभियुक्त को किया गिरफ्तार