खबर की तहतक ✍️ लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही के दौरान कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह (राजा भैया) ने बिजली विभाग की विजिलेंस टीम की छापेमारी को लेकर महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के दावों के बीच विजिलेंस कार्रवाई की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और संतुलित बनाए जाने की आवश्यकता है। सदन में अपने वक्तव्य के दौरान राजा भैया ने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बिजली उपलब्धता की स्थिति पहले की तुलना में बेहतर हुई है, लेकिन छापेमारी के दौरान अपनाई जा रही कार्यप्रणाली को लेकर आम जनता में असंतोष देखने को मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर जांच की प्रक्रिया के कारण लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विधायक ने यह भी कहा कि यदि कहीं अनियमितताएं हैं तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई होना आवश्यक है, लेकिन निर्दोष उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है। उन्होंने सरकार से मांग की कि विजिलेंस जांच के लिए स्पष्ट मानक प्रक्रिया (SOP) लागू की जाए तथा शिकायतों के निस्तारण की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। गौरतलब है कि प्रदेश में बिजली चोरी रोकने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा समय-समय पर विशेष अभियान चलाए जाते रहे हैं। इसी क्रम में विजिलेंस टीमों द्वारा विभिन्न जिलों में जांच और छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, इस मुद्दे पर सरकार की ओर से विस्तृत जवाब आने की प्रतीक्षा है। विशेषज्ञों का मानना है कि विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ उपभोक्ता अधिकारों और विधिक प्रक्रिया के संतुलन पर भी विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है। Post navigation अम्बेडकरनगर में शांति व्यवस्था को लेकर पुलिस का फ्लैग मार्च, संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की चेकिंग तेज बोर्ड परीक्षा के दौरान बिजली बाधित होने से कई केंद्रों पर परीक्षार्थियों को हुई परेशानी, विभाग ने सुधार का दिया आश्वासन