खबर की तहतक ✍️ बाराबंकी। गरीबों को मिलने वाले सरकारी राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और सुविधा बढ़ाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश में डिजिटल करेंसी (ई-रुपी) के माध्यम से राशन वितरण की नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है। प्रारंभिक चरण में बाराबंकी जिले को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुने जाने की संभावना जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार की टीम ने जिले में सर्वेक्षण कर मोबाइल डेटा कलेक्शन का कार्य पूरा कर लिया है। यदि सब कुछ योजना के अनुरूप रहा तो प्रदेश में डिजिटल राशन वितरण प्रणाली का मॉडल बाराबंकी से लागू किया जा सकता है। पारदर्शिता बढ़ाने और घटतौली रोकने पर जोर नई प्रणाली के तहत लाभार्थियों को डिजिटल करेंसी के माध्यम से राशन उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे घटतौली और अनियमितताओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। यह व्यवस्था एटीएम प्रणाली की तरह काम करेगी, जिसमें लाभार्थी ई-रुपी ऐप या ओटीपी के माध्यम से निर्धारित अवधि में किसी भी उचित दर की दुकान से राशन प्राप्त कर सकेंगे। गुजरात मॉडल से प्रेरित योजना बताया जा रहा है कि इस व्यवस्था को लागू करने की तैयारी गुजरात में सफल प्रयोग के बाद शुरू की गई है। हाल ही में गांधीनगर में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने डिजिटल करेंसी आधारित राशन वितरण प्रणाली का शुभारंभ किया था। बाराबंकी को मिल सकती है प्राथमिकता सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकार के खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री सतीश शर्मा का गृह जनपद होने के कारण बाराबंकी को पायलट प्रोजेक्ट के लिए प्राथमिकता दिए जाने की चर्चा है। इससे पहले यहां की वितरण प्रणाली और तकनीकी ढांचे का परीक्षण किया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल प्रणाली लागू होने से राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी, लाभार्थियों को सुविधा मिलेगी और शिकायतों में कमी आएगी। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation पाक्सो एक्ट के वांछित अभियुक्त को हंसवर पुलिस ने किया गिरफ्तार मसूरी की ट्रेनिंग से शुरू हुई प्रेम कहानी, 2023 बैच के दो IAS अधिकारियों ने की कोर्ट मैरिज