यूपी में छ: की मौत: पलभर में उजड़ गईं खुशियां, रह गया दर्द का समुंदर

खबर की तहतक ✍️

मथुरा

बेटी का पहला जन्मदिन मनाने लौट रहा था पिता, यमुना एक्सप्रेस-वे पर मौत ने रोक लिया सफर

यमुना एक्सप्रेस-वे पर शनिवार तड़के हुए भीषण सड़क हादसे ने छह परिवारों की दुनिया एक झटके में उजाड़ दी। खुशियों से भरे घर मातम में बदल गए और जिंदगियों के साथ-साथ सपने भी कुचल गए। दिल्ली से कानपुर देहात जा रही एक डबल डेकर बस के पास रुके यात्रियों को तेज रफ्तार बेकाबू कंटेनर ने रौंद दिया, जिसमें छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

कैसे हुआ हादसा

यह दर्दनाक हादसा सुरीर थाना क्षेत्र के माइलस्टोन 88 के पास हुआ। बस चालक ने कुछ यात्रियों को शौच के लिए उतारने के लिए बस रोकी थी। इसी दौरान पीछे से आ रहा कंटेनर ट्रक अनियंत्रित होकर यात्रियों पर चढ़ गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और एक्सप्रेस-वे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

बेटी का पहला जन्मदिन, लेकिन घर लौटी मौत की खबर

हादसे में जान गंवाने वालों में बड़ागांव, फिरोजाबाद निवासी प्रमोद सिंह (25) भी शामिल थे। प्रमोद दिल्ली के नांगलोई में प्लंबर का काम करते थे। पत्नी काजल और एक साल की बेटी गांव में थीं। शनिवार को उनकी बेटी का पहला जन्मदिन था, जिसे मनाने के लिए प्रमोद घर लौट रहे थे।

शुक्रवार शाम उन्होंने पत्नी को फोन कर बताया था कि वह बस से गांव आ रहे हैं, लेकिन अल सुबह घर पहुंची खबर ने सबको तोड़ दिया। पत्नी काजल बेटी को गोद में लिए खामोश बैठी रह गई। परिजनों का कहना है कि नन्हीं परी को नहीं पता कि अब उसके पापा कभी लौटकर नहीं आएंगे।

बाबा की मौत की खबर सुनकर चला था पोता, खुद लौट आया शव बनकर

इस हादसे ने भेलबल, कोठवा (जिला बस्ती) निवासी देवेश (28) की जिंदगी भी छीन ली। देवेश दोस्तों के साथ दिल्ली घूमने गए थे। शुक्रवार शाम उन्हें बाबा रामशंकर के निधन की सूचना मिली, जिसके बाद वह तुरंत गांव लौटने के लिए नांगलोई से बस में सवार हुए।

लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था। एक्सप्रेस-वे हादसे में देवेश की भी मौत हो गई। घर में बाबा की अर्थी रखी थी, तभी देवेश की मौत की खबर पहुंची, जिससे पूरे परिवार में हाहाकार मच गया। पुलिस ने वीडियो कॉल के जरिए शिनाख्त कराई और पोस्टमार्टम के बाद शव को पुलिस सुरक्षा में गांव भेजा गया।

घायलों का इलाज जारी

हादसे में घायल पांच यात्रियों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने कंटेनर चालक की तलाश शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है।

सवालों के घेरे में सड़क सुरक्षा

इस हादसे ने एक बार फिर एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा इंतजामों और भारी वाहनों की रफ्तार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पलभर की लापरवाही ने कई घरों के चिराग बुझा दिए।

निष्कर्ष

यमुना एक्सप्रेस-वे का यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि कई परिवारों के लिए ऐसा जख्म है जो कभी नहीं भरेगा। किसी की बेटी अपने पहले जन्मदिन पर पिता का इंतजार करती रह गई, तो किसी घर में दो अर्थियों का मातम एक साथ उतर आया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

Call Now Button