खबर की तहतक ✍️ लखनऊ। उत्तर प्रदेश में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गन्ना आधारित अंतःफसली खेती को बड़े पैमाने पर अपनाने पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गन्ने के साथ तिलहनी और दलहनी फसलों की अंतःफसल किसानों की आय को केवल दोगुना नहीं, बल्कि कई गुना बढ़ाने की क्षमता रखती है। मुख्यमंत्री सोमवार को इस विषय पर आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिए कि इस योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक मिशन मोड में लागू किया जाए। तेज नकदी प्रवाह और कम होगा जोखिम सीएम योगी ने कहा कि गन्ने के साथ सरसों, मसूर, उड़द और मूंग जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों को अंतःफसल के रूप में अपनाने से किसानों को अतिरिक्त उत्पादन, कम लागत और पूरे वर्ष स्थिर आय प्राप्त होगी। इससे न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि एकल फसल का जोखिम भी कम होगा और कृषि अधिक स्थिर व टिकाऊ बनेगी। इकाई क्षेत्र से अधिक उत्पादन पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कृषि योग्य भूमि का क्षैतिज विस्तार अब संभव नहीं है, ऐसे में इकाई क्षेत्रफल से अधिक उत्पादन ही ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लक्ष्य को हासिल करने का प्रभावी माध्यम है। गन्ना आधारित अंतःफसली खेती उत्तर प्रदेश के कृषि भविष्य का नया और व्यवहारिक मॉडल है। तिलहन-दलहन आत्मनिर्भरता को मिलेगी मजबूती वर्तमान में प्रदेश में लगभग 29.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने की खेती होती है, जिसमें 14.64 लाख हेक्टेयर नया बोया गया क्षेत्र और 14.86 लाख हेक्टेयर पेड़ी क्षेत्र शामिल है। इस बड़े क्षेत्र में तिलहन और दलहन की अंतःफसल जोड़ने से उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और प्रदेश के साथ-साथ देश की तिलहन-दलहन आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिलेगी। वैज्ञानिक आधार पर होगा फसलों का चयन मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि कृषि विज्ञान केंद्रों और कृषि विश्वविद्यालयों के माध्यम से इस योजना को वैज्ञानिक और व्यावहारिक आधार पर लागू किया जाए। आईआईएसआर की सिफारिशों के अनुसार रबी सीजन में सरसों व मसूर तथा जायद सीजन में उड़द व मूंग को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। वर्षवार रोडमैप तैयार करने के निर्देश सीएम योगी ने कहा कि गन्ने की पैदावार को प्रभावित किए बिना अतिरिक्त फसल, अतिरिक्त लाभ और अतिरिक्त सुरक्षा इस मॉडल की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने योजना के लिए वर्षवार रोडमैप तैयार करने और इसे केवल गन्ना क्षेत्र तक सीमित न रखते हुए प्रदेश के व्यापक कृषि परिदृश्य के परिवर्तन के रूप में लागू करने के निर्देश दिए। खबर की तहतक | लखनऊ #YogiAdityanath #FarmersIncome #Intercropping #UPAgriculture #Sugarcane #खबर_की_तहतक Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation रेलवे ट्रैक पर युवती की दर्दनाक मौत, जाफरगंज–मालीपुर स्टेशन के बीच ट्रेन की चपेट में आई मीनाक्षी सिंह अम्बेडकरनगर में 33 करोड़ से संवरेगीं 261 ग्रामीण सड़कें, जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य