खबर की तहतक ✍️| अम्बेडकर नगर। बाबा बरुआदास पी.जी. कॉलेज में 77वां गणतंत्र दिवस बड़े ही हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के उपप्रबंधक श्री पूर्णमासी यादव, उप प्राचार्य प्रो. पवन कुमार गुप्त एवं अन्य मंचासीन गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात डा. अपूर्वा चतुर्वेदी द्वारा वंदेमातरम् का भावपूर्ण गायन प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर डा. राजेश उपाध्याय ने उच्च शिक्षा निदेशक के पत्र का वाचन किया। कार्यक्रम की कड़ी में छात्र-छात्राओं ने विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर गणतंत्र दिवस की भावना को जीवंत किया। पुस्तकों का विमोचन व विद्यार्थियों का सम्मान गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर अध्यक्ष प्रो. पवन कुमार गुप्त एवं मंचासीन अतिथियों द्वारा अर्थशास्त्र विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डा. चंद्रकेश कुमार की पुस्तक “उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का परिदृश्य एवं आर्थिक विकास” तथा संस्कृत विभाग की सहायक आचार्य डा. अराधिका की पुस्तक “उत्तरसीताचरितम् एवं श्री वाल्मीकि रामायण महाकाव्यों की तुलनात्मक समीक्षा” का विमोचन किया गया। विगत वर्ष प्रो. फतेह बहादुर सिंह की घोषणा के क्रम में वाणिज्य विभागाध्यक्ष डा. रमेश कुमार द्वारा स्नातक अंतिम वर्ष में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को ₹5100 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। प्रथम पुरस्कार: अभिषेक कुमार गुप्ता एवं दीक्षा यादव सांत्वना पुरस्कार: सविता पांडे, श्रेया वारी, साक्षी पाण्डेय एवं उपासना यादव रोड सेफ्टी क्लब की उपलब्धियां रोड सेफ्टी क्लब के अंतर्गत आयोजित जिला स्तरीय प्रतियोगिता में भाषण में द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली शिक्षा द्विवेदी तथा नुक्कड़ नाटक में तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी शिक्षा द्विवेदी, रिया सिंह, श्रेया गुप्ता एवं श्रद्धा दुबे को मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। विचार-गोष्ठी में लोकतंत्र पर सारगर्भित वक्तव्य कार्यक्रम का संचालन डा. सत्य प्रकाश पाण्डेय ने किया। सैयद बाकर मेहदी ने गणतंत्र दिवस को भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद और अशफाकउल्लाह जैसे वीर सपूतों को स्मरण करने का अवसर बताया। डा. राजेश उपाध्याय ने गण और तंत्र की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए आधुनिक भारत की व्याख्या की। डा. सत्येंद्र यादव ने कहा कि कर्तव्य बोध नागरिकता बोध की पहली सीढ़ी है। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. पवन कुमार गुप्त ने “संपूर्ण विश्व रत्नं खलु भारतं स्वकीयम्” जैसे भावपूर्ण गीत के माध्यम से भारत और लोकतंत्र की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए लोकतंत्र की मूल भावना के संरक्षण का संदेश दिया। पुरस्कारों की घोषणा कार्यक्रम के अंतिम सत्र में वाणिज्य, संस्कृत, मध्यकालीन इतिहास एवं हिंदी विभाग द्वारा स्नातक एवं परास्नातक अंतिम वर्ष में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को धनराशि से पुरस्कृत करने की घोषणा की गई। इस अवसर पर महाविद्यालय के सम्मानित प्राध्यापकगण, कर्मचारीगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम राष्ट्रभक्ति, शैक्षिक उपलब्धियों और लोकतांत्रिक मूल्यों के संदेश के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। खबर की तहतक शिक्षा, संस्कृति और समाज से जुड़ी हर विश्वसनीय खबर—तथ्यों के साथ। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation लोकजन सोशलिस्ट पार्टी का सदस्यता अभियान संपन्न, दलसिंगार विश्वकर्मा बने अम्बेडकरनगर के जिला अध्यक्ष अम्बेडकर नगर। यूपी: ट्रेन लेट होने से छूटी NEET परीक्षा, छात्रा ने रेलवे पर किया केस; कोर्ट ने माना लापरवाही, मिलेगा मुआवजा