शादी की खुशियां बनीं जिंदगी का आखिरी सफर! रिश्तेदारी में आए 10 वर्षीय आदर्श की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत, परिवार में मचा कोहराम

खबर की तहतक न्यूज नेटवर्क

संवाददाता – अनिल यादव

जिस घर में गूंज रही थीं शहनाइयां, वहां मासूम की मौत की खबर से छा गया मातम; बारात विदा होने के बाद हुए हादसे ने उजाड़ दी परिवार की खुशियां

फूलपुर-पवई, आजमगढ़।

किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि जिस घर में कुछ देर पहले तक शादी की खुशियां मनाई जा रही थीं, वहां अचानक चीख-पुकार और आंसुओं का सैलाब उमड़ पड़ेगा। रिश्तेदारी में शादी समारोह में शामिल होने आया 10 वर्षीय मासूम आदर्श अब कभी अपने घर वापस नहीं लौटेगा। सड़क हादसे में उसकी असमय मौत ने न सिर्फ उसके परिवार को झकझोर दिया, बल्कि शादी समारोह में शामिल रिश्तेदारों की खुशियों को भी मातम में बदल दिया।

मिली जानकारी के अनुसार, पवई थाना क्षेत्र के ग्राम सभा समरदानपुर में शादी समारोह आयोजित था। इसी समारोह में शामिल होने के लिए ग्राम सभा कटार निवासी सूरज का 10 वर्षीय पुत्र आदर्श अपनी रिश्तेदारी में आया हुआ था। घर में शादी की रौनक थी, मेहमानों का आना-जाना था और हर तरफ खुशियों का माहौल था।

बताया जाता है कि बारात विदा होने के बाद दिन करीब 12:30 बजे आदर्श मनोज नामक व्यक्ति के साथ बाइक से पवई बाजार की ओर निकला। इसी दौरान पवई चौराहे से कलान रोड की तरफ जाते समय सुपर स्प्लेंडर और अपाचे बाइक के बीच आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे में आदर्श गंभीर रूप से घायल हो गया। बताया गया कि एक बाइक पर पांच लोग सवार थे।

हादसे के बाद घायल मासूम को किसी तरह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पवई पहुंचाया गया। परिजनों और आसपास मौजूद लोगों को उम्मीद थी कि शायद डॉक्टरों के प्रयास से मासूम की जान बच जाए, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। चिकित्सकों ने जांच के दौरान आदर्श को मृत घोषित कर दिया।

यह खबर सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। माता-पिता के कलेजे का टुकड़ा उनसे हमेशा के लिए बिछड़ गया। जिस मासूम की हंसी से घर-आंगन गुलजार होना चाहिए था, उसकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। शादी में शामिल होने आए दूर-दराज के रिश्तेदारों की खुशियां भी पलभर में आंसुओं में बदल गईं।

सूचना मिलने पर पवई पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

एक सवाल छोड़ गया यह दर्दनाक हादसा…

आखिर जिस उम्र में बच्चों के हाथों में खिलौने होने चाहिए, उस उम्र में एक मासूम की जिंदगी सड़क हादसे ने छीन ली। आदर्श के परिवार के लिए यह सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि ऐसा गहरा जख्म है जिसकी टीस शायद जिंदगीभर बनी रहेगी।

शादी के गीतों की जगह अब घर में अपनों के रोने की आवाजें हैं। खुशियों से सजा माहौल गम में डूब गया है और परिवार की आंखें अपने उस मासूम को तलाश रही हैं, जो अब कभी लौटकर नहीं आएगा।

ईश्वर दिवंगत मासूम की आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति दें।

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