दहेज की बलि चढ़ी एक और जिंदगी! विवाहिता की मौत के मामले में पति समेत सास-ससुर गिरफ्तार, आखिर किन हालात में गई महिला की जान?

खबर की तहतक न्यूज नेटवर्क

जहां कभी सात फेरों के साथ जीवनभर साथ निभाने के वादे किए गए होंगे, उसी वैवाहिक रिश्ते से जुड़े लोगों पर अब दहेज मृत्यु का गंभीर आरोप; जहांगीरगंज पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों को किया गिरफ्तार।

जहांगीरगंज, अम्बेडकरनगर।

जिस घर में एक बेटी ने शादी के बाद नए सपनों और सुनहरे भविष्य की उम्मीदों के साथ कदम रखा होगा, आज उसी विवाहिता की मौत का मामला गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। दहेज मृत्यु से जुड़े इस प्रकरण में पुलिस ने मृतका के पति, ससुर और सास को गिरफ्तार किया है। हालांकि विवाहिता की मौत के पीछे की पूरी सच्चाई अब जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आ सकेगी।

अम्बेडकरनगर के थाना जहांगीरगंज क्षेत्र में दर्ज इस मामले ने एक बार फिर दहेज जैसी सामाजिक कुरीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के अनुसार, प्राप्त शिकायत के आधार पर मुकदमा अपराध संख्या 214/26 के तहत धारा 80(2), 85 बीएनएस तथा धारा 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया गया था।

मुखबिर की सूचना पर तीनों गिरफ्तार

पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह के निर्देशन में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत 1 नवंबर 2026 को जहांगीरगंज पुलिस ने ग्राम भौरा से बौराव जाने वाले खड़ंजे के मोड़ के पास से तीनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों में मृतका का पति विकास कन्नौजिया (25 वर्ष), ससुर जयराज कन्नौजिया (59 वर्ष) और सास शान्ति देवी (55 वर्ष) शामिल हैं। तीनों ग्राम बौराव, थाना जहांगीरगंज के निवासी हैं।

पुलिस टीम की कार्रवाई

यह गिरफ्तारी अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) डॉ. तेजबीर सिंह एवं क्षेत्राधिकारी आलापुर के पर्यवेक्षण तथा थानाध्यक्ष रितेश कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में की गई। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक रामबली सिंह यादव, कांस्टेबल सुनील कुमार, अंशू यादव, रामप्रवेश यादव एवं महिला कांस्टेबल ज्योति पाल शामिल रहीं।

दहेज के नाम पर कब थमेगा बेटियों की जिंदगी से खिलवाड़?

दहेज केवल पैसों और सामान का लेन-देन नहीं, बल्कि कई बार परिवारों के बीच रिश्तों को तोड़ने और महिलाओं के जीवन को संकट में डालने वाली सामाजिक बुराई बन जाता है। विवाहिता की मौत से जुड़े इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि आखिर उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है?

अब सबकी निगाहें पुलिस की आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हैं। जरूरत है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और यदि आरोप प्रमाणित होते हैं तो दोषियों को कानून के मुताबिक सख्त सजा मिले, ताकि किसी और बेटी के सपनों का संसार इस तरह उजड़ने से बच सके।

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डिस्क्लेमर:

यह समाचार अम्बेडकरनगर पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट पर आधारित है। गिरफ्तार व्यक्तियों के विरुद्ध दहेज मृत्यु से संबंधित आरोप हैं। घटना के वास्तविक कारणों एवं आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना शेष है। किसी भी आरोपी को न्यायालय द्वारा दोषी सिद्ध किए जाने तक निर्दोष माने जाने का कानूनी अधिकार प्राप्त है।

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