UPSSSC PET परीक्षार्थियों के लिए मददगार बना नारायण फाउंडेशन, विवेक मौर्य ने 150 से अधिक अभ्यर्थियों के ठहरने-भोजन की कराई निःशुल्क व्यवस्था

खबर की तहतक न्यूज नेटवर्क

चार वर्षों में 10 हजार से अधिक परीक्षार्थियों की मदद का दावा, दिल्ली से वाराणसी तक के अभ्यर्थियों को अम्बेडकरनगर में मिली राहत

अम्बेडकरनगर, 30 अक्टूबर 2026।

प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने के लिए दूसरे जिलों से आने वाले अभ्यर्थियों को अक्सर ठहरने, भोजन और परीक्षा केंद्र तक पहुंचने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में विवेक मौर्य के नेतृत्व में सामाजिक संस्था नारायण फाउंडेशन की ओर से UPSSSC PET 2026 के परीक्षार्थियों के लिए निःशुल्क ठहरने, भोजन और आवागमन की व्यवस्था की गई। संस्था की इस पहल से विभिन्न जनपदों से अम्बेडकरनगर पहुंचे 150 से अधिक अभ्यर्थियों को राहत मिली।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा आयोजित प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) 2026 के लिए 25 और 30 अक्टूबर तथा 1 नवंबर को अम्बेडकरनगर में परीक्षा केंद्र आवंटित होने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नारायण फाउंडेशन ने विशेष इंतजाम किए हैं। इसके तहत टांडा क्षेत्र के रामपुर कलां स्थित मौर्या स्टेट एवं जगत पैलेस गेस्ट हाउस, मौर्य चौराहा पर परीक्षार्थियों के निःशुल्क रात्रि विश्राम, भोजन और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की गई।

परीक्षा की पूर्व संध्या पर नारायण फाउंडेशन के पदाधिकारियों और मौर्या स्टेट के प्रबंधक दयानंद मौर्य ने बाहर से आए अभ्यर्थियों का स्वागत किया। उनके लिए रात्रि विश्राम, भोजन और परीक्षा से पहले सुबह नाश्ते की व्यवस्था की गई। साथ ही परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए आवागमन में भी सहयोग उपलब्ध कराया गया।

दिल्ली, प्रयागराज, लखनऊ, गोरखपुर और वाराणसी सहित विभिन्न शहरों से आए 150 से अधिक परीक्षार्थियों ने इस सुविधा का लाभ उठाया। अभ्यर्थियों का कहना था कि परीक्षा के दौरान दूसरे जिले में ठहरने की व्यवस्था करना बड़ी चुनौती होती है। विशेषकर परीक्षा के समय होटलों में कमरे उपलब्ध नहीं होने से अभ्यर्थियों को परेशानी उठानी पड़ती है। ऐसे में अम्बेडकरनगर पहुंचने पर निःशुल्क ठहरने, भोजन और पढ़ाई के अनुकूल वातावरण मिलने से उन्हें काफी राहत मिली।

अभ्यर्थियों ने की पहल की सराहना

वाराणसी के नवीन गौतम तथा लखनऊ के सतीश यादव और निखिल वर्मा सहित अन्य अभ्यर्थियों ने नारायण फाउंडेशन की इस पहल की सराहना की। उनका कहना था कि परीक्षा से पहले ठहरने और भोजन की चिंता दूर होने से उन्हें अपनी तैयारी और परीक्षा पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिली। अभ्यर्थियों ने कहा कि इस तरह की सामाजिक पहल से बाहर से आने वाले छात्रों को अपनापन महसूस होता है और संबंधित जिले के प्रति सकारात्मक संदेश जाता है।

चार वर्षों में 10 हजार से अधिक परीक्षार्थियों की मदद का दावा

नारायण फाउंडेशन के संरक्षक विवेक मौर्य के अनुसार, संस्था पिछले कई वर्षों से अम्बेडकरनगर में आयोजित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की सहायता करती आ रही है। उनका दावा है कि बीते चार वर्षों में संस्था के माध्यम से 10 हजार से अधिक परीक्षार्थियों को अलग-अलग अवसरों पर सहयोग उपलब्ध कराया जा चुका है। इसमें निःशुल्क ठहरने, भोजन, पेयजल और परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

विवेक मौर्य ने कहा, “ये बच्चे किसी एक जिले के नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश का भविष्य हैं। यदि ये तनावमुक्त होकर परीक्षा देंगे तो इनके माता-पिता के सपने पूरे होंगे और हमारे जिले का सम्मान भी बढ़ेगा। यह केवल सेवा नहीं, बल्कि हमारा कर्तव्य है। जब ये युवा परीक्षा हॉल में बैठेंगे तो उनके मन में घबराहट के बजाय अम्बेडकरनगर से मिले प्यार और अपनेपन की भावना रहेगी।”

नारायण फाउंडेशन की इस पहल को लेकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चा हो रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए ठहरने और भोजन जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की ऐसी पहल उन छात्रों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है, जो सीमित संसाधनों के बीच अपने भविष्य को संवारने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।

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