खबर की तहतक न्यूज नेटवर्क नवाबगंज के बरईपुर रामनगर में मकान के अंदर जमीन खोदकर निकाले गए नोटों से भरे ड्रम; नकदी के स्रोत पर उलझे मकान मालिक के बयान, परिवार के वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में जमीन के नीचे छिपाकर रखी गई करोड़ों रुपये की नकदी मिलने से हड़कंप मच गया। नवाबगंज थाना क्षेत्र के बरईपुर रामनगर गांव में पुलिस ने एक मकान की तलाशी के दौरान जमीन खोदकर तीन ड्रम बरामद किए, जिनमें 500-500 रुपये के नोटों की गड्डियां भरी हुई थीं। इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के बाद पुलिस और आयकर विभाग की जांच तेज हो गई है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस को मकान में भारी मात्रा में नकदी छिपाकर रखे जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर तलाशी अभियान चलाया। खुदाई के दौरान जमीन के भीतर दबाए गए तीन ड्रम बाहर निकाले गए। ड्रमों में नोटों की गड्डियां देखकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए। आयकर विभाग ने शुरू की नोटों की गिनती मामले की गंभीरता को देखते हुए आयकर विभाग की टीम को सूचना दी गई। विभागीय अधिकारियों ने नोटों की गिनती के लिए मशीनों की मदद से प्रक्रिया शुरू की। शुरुआती जानकारी के अनुसार, देर रात तक करीब चार करोड़ रुपये की गिनती किए जाने की बात सामने आई, जबकि बरामद नकदी की कुल धनराशि अभी आधिकारिक रूप से घोषित नहीं की गई है। ग्रामीणों और सूत्रों के हवाले से कुल रकम 60 करोड़ रुपये से अधिक होने की चर्चा है, हालांकि इस आंकड़े की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अंतिम रकम का खुलासा गिनती पूरी होने और संबंधित विभाग की आधिकारिक जानकारी के बाद ही हो सकेगा। पूछताछ में बदल रहे बयान, नकदी के स्रोत पर सवाल मकान में मिली नकदी को लेकर पूछताछ के दौरान राकेश यादव ने कथित तौर पर कहा कि बरामद रुपये उसके नहीं हैं और उसे यह जानकारी भी नहीं है कि इतनी बड़ी रकम कहां से आई। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पहले दिए गए बयान और बाद के जवाबों में अंतर सामने आने की बात कही गई है। पुलिस और आयकर विभाग अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि इतनी बड़ी नकदी किसकी है, कहां से लाई गई और जमीन के नीचे ड्रमों में छिपाकर रखने के पीछे क्या वजह थी। साइबर ठगी और वित्तीय धोखाधड़ी के पहलू की भी जांच जांच एजेंसियां परिवार के बैंक खातों, संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल कर रही हैं। साइबर अपराध, वित्तीय धोखाधड़ी और अन्य संभावित अवैध गतिविधियों से जुड़े पहलुओं को भी जांच के दायरे में रखा गया है। मकान में अन्य स्थानों पर भी नकदी या दूसरी संदिग्ध वस्तुएं छिपी होने की आशंका को लेकर तलाशी की संभावना जताई गई है। फिलहाल पुलिस और आयकर विभाग की जांच जारी है। बरामद रकम का वास्तविक मालिक कौन है, करोड़ों रुपये कहां से आए और उन्हें जमीन के भीतर क्यों छिपाया गया था, इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेंगे। खबर की तहतक | सच के साथ… सदैव आपके साथ डिस्क्लेमर: यह समाचार उपलब्ध जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। बरामद नकदी की कुल राशि, उसके वास्तविक मालिक और स्रोत की आधिकारिक पुष्टि अभी शेष है। 60 करोड़ रुपये से अधिक की रकम संबंधी चर्चा अपुष्ट है। किसी व्यक्ति को दोषी घोषित करना हमारा उद्देश्य नहीं है। मामले में अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच एजेंसियों की जांच और आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही माना जाएगा। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation UPSSSC PET परीक्षार्थियों के लिए मददगार बना नारायण फाउंडेशन, विवेक मौर्य ने 150 से अधिक अभ्यर्थियों के ठहरने-भोजन की कराई निःशुल्क व्यवस्था परिवार की खुशियों पर टूटा दुखों का पहाड़! डीएम आवास के पास दुकान में फंदे से लटका मिला 35 वर्षीय रंजीत वर्मा का शव, मौत से मचा कोहराम