एटीएम बदलकर और फंसाकर ठगी करने वाले दो शातिर गिरफ्तार, ₹16,210 नकद, 4 एटीएम कार्ड व बाइक बरामद

खबर की तहतक

संवाददाता- गाजीपुर

जनपद गाजीपुर में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना नंदगंज पुलिस ने एटीएम कार्ड बदलकर और एटीएम मशीन में जाल लगाकर लोगों से ठगी करने वाले दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से ₹16,210 नकद, 4 एटीएम कार्ड, एक लोहे का फ्रेम तथा एक हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल बरामद की है।

पुलिस के अनुसार, 17 जुलाई 2026 को उपनिरीक्षक धनंजय मिश्रा अपनी टीम के साथ लक्ष्मणपुर प्राथमिक विद्यालय नहर पुलिया के पास संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर मु0अ0सं0 204/2026 से संबंधित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सोनू राजभर (23 वर्ष) पुत्र नंदलाल राजभर तथा इस्माइल (34 वर्ष) पुत्र अब्बास, दोनों निवासी ग्राम टेडवा बेलहरी, थाना खानपुर, जनपद गाजीपुर के रूप में हुई है।

पूछताछ में सामने आया ठगी का तरीका

पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे बैंक और एटीएम के आसपास निगरानी करते थे। जिन लोगों को एटीएम से पैसे निकालने में परेशानी होती थी, उनकी मदद करने के बहाने उनका एटीएम कार्ड बदल लेते थे और पिन की जानकारी हासिल कर बाद में उनके खाते से रुपये निकाल लेते थे।

इसके अलावा आरोपी सुनसान स्थानों पर स्थित एटीएम मशीनों में लोहे का विशेष फ्रेम लगा देते थे, जिससे निकाली गई नकदी मशीन के भीतर ही फ्रेम में फंस जाती थी। ग्राहक के वहां से चले जाने के बाद आरोपी फ्रेम निकालकर उसमें फंसे रुपये ले जाते थे।

पुलिस के मुताबिक आरोपी बैंक से नकदी निकालकर लौट रहे लोगों पर भी नजर रखते थे। यदि कोई व्यक्ति रास्ते में मोटरसाइकिल की डिग्गी या साइकिल पर रुपये रखकर किसी काम में व्यस्त हो जाता था, तो आरोपी मौका पाकर नकदी चोरी कर लेते थे।

बरामदगी

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से:

₹16,210 नकद

4 एटीएम कार्ड

1 लोहे का फ्रेम

1 हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल

बरामद की है।

इस संबंध में थाना नंदगंज में मु0अ0सं0 204/2026 के तहत धारा 303(2) एवं 317(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) में मुकदमा दर्ज है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

डिस्क्लेमर:

यह समाचार गाजीपुर पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट के आधार पर प्रकाशित किया गया है। गिरफ्तारी, बरामदगी और पूछताछ में सामने आए तथ्यों का दावा पुलिस का है। आरोपियों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की पुष्टि सक्षम न्यायालय द्वारा साक्ष्यों एवं सुनवाई के आधार पर की जाएगी। “खबर की तहतक” न्यायालय के अंतिम निर्णय से पूर्व किसी भी व्यक्ति को दोषी घोषित नहीं करता।

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