स्वर्गीय शारदा प्रसाद त्रिपाठी की जयंती पर वृद्धजनों के बीच पहुंचेगा सेवा का संदेश

खबर की तहतक न्यूज नेटवर्क

भविष्य निर्माण एजुकेशन ट्रस्ट वृद्ध आश्रम में मनाएगा जयंती समारोह, आत्मीय संवाद, सम्मान और शाम के भोजन की रहेगी व्यवस्था

अकबरपुर, अंबेडकर नगर।

किसी अपने की स्मृति को केवल तस्वीरों और श्रद्धांजलि तक सीमित रखने के बजाय यदि उसे सेवा और अपनत्व से जोड़ा जाए, तो स्मरण का वह क्षण समाज के लिए प्रेरणा बन जाता है। इसी भाव के साथ भविष्य निर्माण एजुकेशन ट्रस्ट, जलालपुर, अंबेडकर नगर द्वारा स्वर्गीय श्री शारदा प्रसाद त्रिपाठी की जयंती वृद्ध आश्रम, अंबेडकर नगर में वृद्धजनों के साथ मनाने का निर्णय लिया गया है।

जयंती के अवसर पर ट्रस्ट के अध्यक्ष विशाल त्रिपाठी एडवोकेट, जो स्वर्गीय श्री शारदा प्रसाद त्रिपाठी के पौत्र हैं, वृद्ध आश्रम पहुंचकर बुजुर्गों के साथ समय बिताएंगे। इस दौरान वृद्धजनों से आत्मीय संवाद, उनका सम्मान तथा उनके साथ अपनत्व के पल साझा किए जाएंगे।

संस्कारों को सेवा से जोड़ने की पहल

विशाल त्रिपाठी एडवोकेट ने कहा कि स्वर्गीय श्री शारदा प्रसाद त्रिपाठी के संस्कारों और मानवीय मूल्यों को आगे बढ़ाते हुए उनकी जयंती को समाजसेवा से जोड़कर मनाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि वृद्धजन समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके जीवन का अनुभव, संघर्ष और आशीर्वाद नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के बाद शाम को वृद्ध आश्रम में निवास कर रहे वृद्धजनों के लिए भोजन की व्यवस्था भी भविष्य निर्माण एजुकेशन ट्रस्ट की ओर से की जाएगी। ट्रस्ट के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी इस दौरान वृद्धजनों के साथ समय बिताएंगे।

यादों को सेवा का रूप देने का संकल्प

जयंती का यह आयोजन केवल एक स्मृति कार्यक्रम नहीं, बल्कि बुजुर्गों के प्रति सम्मान, संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। जीवन की संध्या में जब किसी बुजुर्ग के साथ कोई कुछ पल बैठकर उनका हाल पूछता है, तो वह अपनापन कई बार किसी बड़े उपहार से भी अधिक मायने रखता है।

भविष्य निर्माण एजुकेशन ट्रस्ट ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक सेवा के क्षेत्र में भी निरंतर कार्य किया जाएगा। जरूरतमंदों और बुजुर्गों के सम्मान एवं सहयोग के लिए भविष्य में भी विभिन्न सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

स्वर्गीय श्री शारदा प्रसाद त्रिपाठी की जयंती पर वृद्ध आश्रम में होने वाला यह आयोजन आत्मीय संवाद, सम्मान, सेवा और शाम के भोजन के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने का एक संवेदनात्मक प्रयास होगा।

डिस्क्लेमर:

यह समाचार उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें व्यक्त कथन एवं कार्यक्रम से संबंधित विवरण संबंधित आयोजकों/पक्ष द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित हैं। पाठकों से अपेक्षा है कि किसी भी तथ्य या दावे को अंतिम रूप से स्वीकार करने से पहले संबंधित आधिकारिक स्रोत से पुष्टि कर लें। खबर की तहतक का उद्देश्य समाचार को संतुलित, तथ्यपरक एवं विधिसम्मत रूप में प्रस्तुत करना है।

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