आरटीआई से उठे नियुक्ति पर सवाल: आरक्षित पद पर सामान्य वर्ग की नियुक्ति का आरोप, जांच की मांग से शिक्षा विभाग में हलचल

खबर की तहतक

संवाददाता आलापुर- पंकज कुमार

आलापुर, अम्बेडकरनगर

अम्बेडकरनगर जनपद के विकास खंड जहांगीरगंज स्थित पंडित नेहरू स्मारक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सर्वेपुर निकसपुर में वर्ष 2016 में हुई एक नियुक्ति को लेकर नया विवाद सामने आया है। सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर एक शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षित पद पर सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी की नियुक्ति की गई, जो नियमानुसार नहीं है।

शिकायतकर्ता शशिकांत मिश्रा, निवासी ग्राम शंकरपुर वर्जी, ने राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग, उत्तर प्रदेश शासन, जिलाधिकारी अम्बेडकरनगर, बेसिक शिक्षा अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

शिकायत में कहा गया है कि वर्ष 2016 में विद्यालय की प्रबंध समिति द्वारा अरविंद कुमार मिश्रा की नियुक्ति उस पद पर की गई, जिसे शिकायतकर्ता के अनुसार पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित होना चाहिए था। उनका आरोप है कि संबंधित अभ्यर्थी सामान्य वर्ग से हैं, इसलिए यह नियुक्ति आरक्षण नियमों के विपरीत प्रतीत होती है।

शिकायतकर्ता का दावा है कि उन्हें यह जानकारी सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत प्राप्त अभिलेखों से मिली है। उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों से नियुक्ति की वैधता की जांच, आवश्यक होने पर नियुक्ति निरस्त करने तथा दोषियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।

सूत्रों के अनुसार, शिकायत संबंधित विभागों तक पहुंच चुकी है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक विद्यालय प्रबंध समिति, संबंधित कर्मचारी अथवा शिक्षा विभाग की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई थी।

अब यह पूरा मामला संबंधित सक्षम प्राधिकारी की जांच पर निर्भर करेगा। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है, जबकि आरोप असत्य पाए जाने पर शिकायत स्वतः निराधार मानी जाएगी।

डिस्क्लेमर:

यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों, उपलब्ध दस्तावेजों एवं आरटीआई के माध्यम से प्राप्त जानकारी के आधार पर प्रकाशित किया गया है। “खबर की तहतक” इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता। संबंधित विद्यालय, प्रबंध समिति एवं आरोपित पक्ष का आधिकारिक पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। अंतिम निष्कर्ष केवल सक्षम प्राधिकारी की जांच एवं न्यायिक/प्रशासनिक निर्णय के अधीन होगा।

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