खबर की तहतक गांधीनगर (गुजरात) गुजरात के गांधीनगर जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां 20 वर्षीय कॉलेज छात्र की हत्या के आरोप में एक दंपति को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, मामला कथित तौर पर गुप्त रूप से वीडियो बनाने, ब्लैकमेलिंग और उससे उपजे विवाद से जुड़ा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, मृतक छात्र पर आरोप है कि उसने महिला का नहाते समय कथित रूप से वीडियो बना लिया था। आरोप है कि इसी वीडियो के आधार पर वह महिला को लगातार ब्लैकमेल कर रहा था और उस पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बना रहा था। जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, इसी विवाद के चलते वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस का कहना है कि घटना वाले दिन महिला ने कथित रूप से युवक को घर बुलाया। युवक के पहुंचने के बाद उसका पति भी वहां मौजूद था। आरोप है कि महिला ने युवक के हाथ पकड़ लिए, जबकि उसके पति ने दुपट्टे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद शव को प्लास्टिक की बोरी में छिपाने का प्रयास किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण गला दबाकर हत्या होना बताया गया है। पुलिस ने दंपति को गिरफ्तार कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही मोबाइल फोन, कथित वीडियो, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य परिस्थितिजन्य सबूतों की गहन जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच जारी है। कथित ब्लैकमेलिंग, वीडियो बनाने के आरोप और हत्या की पूरी साजिश से जुड़े तथ्यों की पुष्टि वैज्ञानिक एवं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। डिस्क्लेमर खबर की तहतक यह समाचार पुलिस द्वारा दी गई प्रारंभिक जानकारी एवं विभिन्न विश्वसनीय मीडिया स्रोतों में प्रकाशित रिपोर्टों के आधार पर प्रकाशित कर रहा है। समाचार में वर्णित आरोप जांच के अधीन हैं और न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध होने तक सभी आरोपी कानून की दृष्टि में निर्दोष माने जाते हैं। यदि जांच में कोई नया तथ्य सामने आता है या आधिकारिक जानकारी में परिवर्तन होता है, तो समाचार को तदनुसार अपडेट किया जाएगा। Post navigation अभाविप अकबरपुर नगर इकाई का पुनर्गठन, राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में हुआ वृहद वृक्षारोपण अभियान नलकूप खंड कार्यालय में लापरवाही उजागर: दफ्तर पर लटके मिले ताले, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान पर भी उठे सवाल