नलकूप खंड कार्यालय में लापरवाही उजागर: दफ्तर पर लटके मिले ताले, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान पर भी उठे सवाल

खबर की तहतक

जलालपुर, अंबेडकरनगर

जनपद अंबेडकरनगर के जलालपुर स्थित नलकूप खंड (जिलेदारी चतुर्थ) कार्यालय में कार्य व्यवस्था को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। मंगलवार को कार्यालय परिसर का निरीक्षण करने पर सभी कमरों में ताले लटके मिले और मौके पर कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं था। जबकि प्राप्त जानकारी के अनुसार इस कार्यालय में करीब सात से आठ कर्मचारी तैनात हैं।

स्थानीय लोगों और किसानों का आरोप है कि कार्यालय में कर्मचारियों का समय पर न पहुंचना और लंबे समय तक कार्यालय बंद रहना आम बात बन चुकी है। उनका कहना है कि सिंचाई संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए आने वाले किसानों को अक्सर निराश होकर वापस लौटना पड़ता है, जिससे उन्हें अनावश्यक परेशानी और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।

 

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की गंभीरता पर भी सवाल

निरीक्षण के दौरान शासन के महत्वाकांक्षी ‘एक पेड़ मां के नाम’ वृक्षारोपण अभियान को लेकर भी लापरवाही सामने आई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार्यालय परिसर में रोपण के लिए लाया गया पौधा गड्ढे में पड़ा मिला। आरोप है कि पौधे का विधिवत रोपण कराने के बजाय उसे यूं ही छोड़ दिया गया, जिससे पर्यावरण संरक्षण से जुड़े सरकारी अभियान की गंभीरता पर भी प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।

हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि पौधा किसके निर्देश पर वहां छोड़ा गया। यह तथ्य विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

सहायक अभियंता ने दिए जांच के निर्देश

मामले में सहायक अभियंता नागेंद्र कुमार ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी मिल चुकी है। संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा और यदि जांच में लापरवाही की पुष्टि होती है तो उनके विरुद्ध विभागीय नियमों के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

वहीं अवर अभियंता (नलकूप) पुनीत चौधरी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल फोन रिसीव नहीं हो सका, जिससे उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।

किसानों ने की नियमित निरीक्षण की मांग

क्षेत्र के कई किसानों ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर बताया कि कार्यालय में अव्यवस्था और कर्मचारियों की अनुपस्थिति की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। उनका कहना है कि यदि विभागीय अधिकारी नियमित निरीक्षण करें और जिम्मेदार कर्मचारियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करें तो व्यवस्था में सुधार संभव है।

अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि विभाग जांच के बाद क्या कार्रवाई करता है और किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

डिस्क्लेमर

खबर की तहतक द्वारा प्रकाशित यह समाचार मौके पर उपलब्ध जानकारी, प्रत्यक्षदर्शियों के कथनों तथा संबंधित अधिकारियों से प्राप्त आधिकारिक प्रतिक्रिया के आधार पर तैयार किया गया है। समाचार में लगाए गए आरोप संबंधित पक्षों के कथन हैं, जिनकी अंतिम पुष्टि विभागीय जांच के बाद ही होगी। यदि भविष्य में कोई नया आधिकारिक तथ्य या स्पष्टीकरण प्राप्त होता है, तो समाचार को नियमानुसार अद्यतन किया जाएगा।

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