खबर की तहतक संवाददाता- पंकज कुमार आलापुर, अंबेडकरनगर अंबेडकरनगर जनपद के थाना जहांगीरगंज क्षेत्र स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की माडरमऊ शाखा एक बार फिर विवादों में घिरती नजर आ रही है। एक परिवार ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2017 में ऋण खाते का पूर्ण भुगतान होने और बैंक द्वारा नो-ड्यूज़ प्रमाणपत्र जारी किए जाने के बावजूद आज तक बंधक रखे गए मकान एवं दुकान से संबंधित मूल दस्तावेज वापस नहीं किए गए। परिवार का कहना है कि दस्तावेज वापस पाने के लिए वे कई वर्षों से बैंक के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। पीड़ित परिवार के अनुसार, ग्राम पंचायत मामपुर, तहसील आलापुर निवासी स्वर्गीय संतोष कुमार ने वर्ष 2006 में बैंक ऑफ बड़ौदा, माडरमऊ शाखा से बड़ौदा ट्रेडर ऋण स्वाभिमान योजना के तहत ऋण लिया था। ऋण के बदले बैंक में मकान एवं दुकान से संबंधित मूल अभिलेख बंधक रखे गए थे। परिवार का दावा है कि बाद में बैंक के साथ समझौता (सेटलमेंट) के माध्यम से पूरा ऋण जमा कर दिया गया। इसके बाद बैंक ने 24 अक्टूबर 2017 को लिखित रूप से नो-ड्यूज़ प्रमाणपत्र जारी कर यह प्रमाणित किया कि ऋण खाते में कोई बकाया शेष नहीं है। इसके बावजूद परिजनों का आरोप है कि बैंक ने आज तक बंधक रखे गए मूल दस्तावेज वापस नहीं किए। स्वर्गीय संतोष कुमार के निधन के बाद उनके परिजन लगातार शाखा के अधिकारियों से संपर्क करते रहे, लेकिन हर बार उन्हें टाल दिया गया। परिवार का आरोप है कि इस कारण उन्हें आर्थिक, सामाजिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है तथा संपत्ति से जुड़े आवश्यक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। पीड़ित परिवार ने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी, क्षेत्रीय प्रबंधक, शाखा प्रबंधक तथा जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक (LDM) को भेजकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच, मूल दस्तावेज तत्काल वापस दिलाने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय एवं विधिक कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में “खबर की तहतक” द्वारा बैंक ऑफ बड़ौदा, माडरमऊ शाखा के शाखा प्रबंधक से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क के दौरान उनका मोबाइल फोन नेटवर्क क्षेत्र से बाहर बताया गया। बैंक का आधिकारिक पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। अब देखना होगा कि शिकायत के बाद संबंधित विभाग और बैंक प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं तथा वर्षों से अपने मूल दस्तावेजों की प्रतीक्षा कर रहे परिवार को कब राहत मिलती है। डिस्क्लेमर यह समाचार शिकायतकर्ता एवं उनके परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों तथा उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर तैयार किया गया है। समाचार में उल्लिखित सभी आरोप शिकायतकर्ता के हैं। “खबर की तहतक” इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता। बैंक ऑफ बड़ौदा अथवा संबंधित अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी समान प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। मामले की वास्तविक स्थिति सक्षम प्राधिकारी की जांच एवं उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर ही निर्धारित होगी। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation तालाब की भूमि पर नीम का पेड़ काटने का आरोप, वन्य पक्षियों के घोंसले नष्ट होने की शिकायत अम्बेडकरनगर: 1.150 किलो अवैध गांजा के साथ आरोपी गिरफ्तार, अलीगंज पुलिस की कार्रवाई