पत्नी की कथित दहेज हत्या मामले में BDO के बाद महिला दारोगा भी गिरफ्तार, SIT जांच में नया मोड़

 

खबर की तहतक |

दरभंगा/मुजफ्फरपुर।

बिहार के चर्चित कथित दहेज हत्या प्रकरण में जांच के दौरान नया मोड़ सामने आया है। जाले प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) मनोज कुमार की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस ने बेगूसराय जिला पुलिस बल में तैनात पुलिस अवर निरीक्षक (दारोगा)  को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, उन्हें सीतामढ़ी स्थित उनके पैतृक निवास से हिरासत में लिया गया।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी के दौरान दरोगा के पास से एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है, जिसकी फोरेंसिक एवं तकनीकी जांच कराई जाएगी ताकि मामले से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की पड़ताल की जा सके।

क्या है पूरा मामला?

मिठनपुरा थाना में दर्ज मुकदमे के अनुसार, मृतका के भाई ने आरोप लगाया है कि उसकी बहन को पति मनोज कुमार तथा ससुराल पक्ष के अन्य लोगों द्वारा 10 लाख रुपये दहेज की मांग को लेकर लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। शिकायत में आरोप है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर उसकी कथित हत्या कर दी गई।

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि BDO मनोज कुमार का एक अन्य महिला के साथ कथित प्रेम-प्रसंग था, जिसके कारण उसकी बहन को प्रताड़ित किया जाता था।

SIT जांच में कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। जांच के दौरान सबसे पहले मुख्य आरोपी BDO मनोज कुमार को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद पुलिस ने जांच आगे बढ़ाते हुए महिला दारोगा को भी गिरफ्तार किया।

पुलिस का दावा है कि जांच और पूछताछ के दौरान दोनों के बीच कथित संबंधों से जुड़े कुछ तथ्य सामने आए हैं। हालांकि इन पहलुओं की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और आगे की जांच के आधार पर ही होगी।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी

सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी के अनुसार, मामले में नामजद अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इनमें BDO की मां, बहन और भाई भी शामिल बताए गए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

खबर की तहतक इस समाचार को पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी, पुलिस अधिकारियों के आधिकारिक बयानों तथा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के आधार पर प्रकाशित कर रहा है। समाचार में वर्णित आरोप जांच के अधीन हैं और अभी न्यायालय द्वारा सिद्ध नहीं हुए हैं। संबंधित सभी व्यक्तियों को कानून के अनुसार दोष सिद्ध होने तक निर्दोष माना जाएगा। यदि जांच या न्यायालय के निर्णय में कोई नया तथ्य सामने आता है, तो खबर की तहतक उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित करेगा।

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