खबर की तहतक संवाददाता पवई- अनिल कुमार यादव आजमगढ़ | सरकार की मुफ्त राशन योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों तक उनका पूरा अधिकार पहुंचाना है, लेकिन आजमगढ़ जनपद के विकासखंड पवई की ग्राम पंचायत जल्दीपुर से सामने आए आरोप इस व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर रहे हैं। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों की शिकायतों के आधार पर “खबर की तहतक” की टीम जब मौके पर पहुंची, तो कई लाभार्थियों ने आरोप लगाया कि उन्हें निर्धारित 5 किलो प्रति यूनिट के स्थान पर केवल 4 किलो राशन दिया जा रहा है। इतना ही नहीं, मौके पर सरकारी डिजिटल व्यवस्था के साथ एक निजी कांटे के उपयोग का भी दावा किया गया, जिस पर ग्रामीणों ने घटतौली की आशंका जताई। 5 किलो का हक, 4 किलो की हकीकत? यदि लगाए गए आरोप सही साबित होते हैं, तो यह केवल एक किलो राशन की कटौती नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के अधिकारों पर सीधा प्रहार है। ग्रामीणों का कहना है कि— प्रति यूनिट 5 किलो के बजाय 4 किलो राशन दिया जाता है। पांच सदस्यीय परिवार को 25 किलो के स्थान पर केवल 20 किलो राशन मिलता है। विरोध करने पर राशन बंद कराने या अन्य कार्रवाई की आशंका दिखाकर दबाव बनाया जाता है। यदि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच में पुष्टि होती है, तो यह मामला केवल घटतौली का नहीं बल्कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल बन सकता है। ग्रामीणों का दावा—”डर के कारण कोई खुलकर बोलता नहीं” मीडिया टीम से बातचीत में कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शिकायत करने से लोग डरते हैं। उनका कहना है कि राशन कार्ड कटने या अन्य परेशानियों के भय से अधिकांश लाभार्थी खुलकर विरोध नहीं कर पाते। कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि जब घटतौली की बात की जाती है तो कथित रूप से यह कहा जाता है कि “ऊपर तक देना पड़ता है।” हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। अब नजर प्रशासन पर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और जिला पूर्ति अधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि— क्या गरीबों का पूरा हक वास्तव में उन तक पहुंच रहा है, या रास्ते में ही कहीं “एक किलो का खेल” खेला जा रहा है? यदि आरोप निराधार हैं तो जांच से सच्चाई सामने आनी चाहिए, और यदि आरोप सही हैं तो जिम्मेदार लोगों पर कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होना आवश्यक है। डिस्क्लेमर “खबर की तहतक” निष्पक्ष एवं तथ्यपरक पत्रकारिता के सिद्धांतों का पालन करता है। इस समाचार में उल्लिखित तथ्य स्थानीय ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों, मौके पर प्राप्त जानकारी और उपलब्ध बयानों पर आधारित हैं। संबंधित महिला कोटेदार अथवा अन्य अधिकारियों का पक्ष समाचार प्रकाशित होने तक प्राप्त नहीं हो सका। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। यह समाचार किसी व्यक्ति या संस्था को दोषी घोषित करने का उद्देश्य नहीं रखता। अंतिम सत्य सक्षम प्रशासनिक जांच एवं विधिक प्रक्रिया के बाद ही निर्धारित होगा। यदि संबंधित पक्ष इस समाचार में प्रकाशित किसी तथ्य पर अपना स्पष्टीकरण देना चाहता है, तो “खबर की तहतक” उसका पक्ष भी निष्पक्ष रूप से प्रकाशित करने के लिए प्रतिबद्ध है। Post navigation प्रभारी मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने जन चौपालों में सुनीं जनसमस्याएं, जलालपुर में भाजपा कैंप कार्यालय का किया उद्घाटन पत्नी की कथित दहेज हत्या मामले में BDO के बाद महिला दारोगा भी गिरफ्तार, SIT जांच में नया मोड़