खबर की तहतक | विशेष रिपोर्ट कटका अम्बेडकरनगर। जनपद के कटका थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मजगवां निवासी अखिलेश कुमार पुत्र राम निरंजन विश्वकर्मा ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि उनकी पुश्तैनी भूमि से संबंधित विवाद न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद विपक्षी पक्ष द्वारा जबरन निर्माण कार्य कराया जा रहा है। पीड़ित का कहना है कि वह लगातार तहसील, थाना और उच्च अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन उसे अब तक न्याय नहीं मिल सका है। पीड़ित द्वारा दिए गए शिकायती पत्र के अनुसार, उसके बाबा के नाम दर्ज भूमि से संबंधित मामले में राजस्व अभिलेखों के आधार पर विवाद चल रहा है। आरोप है कि संबंधित भूमि पर विपक्षी संतोष मिश्रा द्वारा न्यायालय के अंतिम निर्णय से पूर्व ही मकान निर्माण कराया जा रहा है। पीड़ित का दावा है कि इस संबंध में उसने एसडीएम न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था, जहां से कथित रूप से न्यायालय के आदेश आने तक निर्माण न कराने की बात कही गई थी, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी है। https://khabarkitahtak.co.in/wp-content/uploads/2026/07/VID-20260701-WA0012.mp4 पीड़ित ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्षी पक्ष के मामा थाना कटका में होमगार्ड के पद पर तैनात हैं, जिसके चलते स्थानीय स्तर पर प्रभाव और दबाव बनाया जा रहा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि कई बार डायल-112 पर सूचना देने के बावजूद पुलिस मौके पर पहुंचती तो है, लेकिन निर्माण कार्य को रुकवाने के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं करती। परिवार का कहना है कि पुलिस की मौजूदगी में भी निर्माण कार्य जारी रहता है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि विपक्षी पक्ष द्वारा लगातार दबाव बनाया जा रहा है तथा विरोध करने पर धमकियां भी दी जा रही हैं। इससे परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जीवन यापन कर रहा है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने निष्पक्ष हस्तक्षेप नहीं किया तो कोई अप्रिय घटना घट सकती है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि भूमि विवाद का मामला न्यायालय में विचाराधीन है, तो आखिर निर्माण कार्य किस आधार पर जारी है? वहीं पीड़ित परिवार का आरोप है कि प्रशासन और पुलिस की निष्क्रियता से विपक्षी पक्ष के हौसले बुलंद हैं। परिवार ने उच्चाधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर निर्माण कार्य रुकवाने तथा सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। अब देखना यह होगा कि पुलिस और प्रशासन इस प्रकरण को कितनी गंभीरता से लेते हैं और न्यायालय में लंबित विवाद के बीच जारी निर्माण कार्य को लेकर क्या कदम उठाते हैं। डिस्क्लेमर यह समाचार पीड़ित पक्ष द्वारा पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र एवं उपलब्ध कराए गए तथ्यों के आधार पर प्रकाशित किया गया है। समाचार में लगाए गए आरोप संबंधित शिकायतकर्ता के कथन हैं। “खबर की तहतक” इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है। भूमि विवाद एवं निर्माण कार्य से संबंधित मामला न्यायालय/संबंधित प्राधिकरण के समक्ष विचाराधीन बताया गया है। यदि संबंधित पक्ष अपना पक्ष या स्पष्टीकरण देना चाहता है तो उसे प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया जाएगा। न्यायिक अथवा प्रशासनिक जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, वही अंतिम और प्रमाणिक माने जाएंगे। Post navigation जलालपुर पुलिस की तत्परता से 7 माह की मासूम सकुशल बरामद, परिजनों के चेहरे पर लौटी मुस्कान केंद्रीय मानवाधिकार सेवा संगठन का 10वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया, प्रशिक्षण के साथ पत्रकारों को किया गया सम्मानित