वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग का आरोप, छह माह तक नाबालिग के शोषण का मामला; 10 आरोपी गिरफ्तार

खबर की तहतक

कोरबा छत्तीसगढ

कोरबा जिले के बालकोनगर थाना क्षेत्र में एक नाबालिग किशोरी के कथित यौन शोषण का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार, 17 वर्षीय किशोरी ने शिकायत में आरोप लगाया है कि उसका एक युवक के साथ प्रेम संबंध था। इसी दौरान युवक ने विश्वास में लेकर उसका आपत्तिजनक वीडियो बना लिया। बाद में यह वीडियो अन्य लोगों तक पहुंच गया और कथित तौर पर इसे सार्वजनिक करने की धमकी देकर किशोरी को ब्लैकमेल किया जाने लगा।

एफआईआर के मुताबिक, दिसंबर 2025 से मई 2026 के बीच कई लोगों ने वीडियो वायरल करने का भय दिखाकर किशोरी का शोषण किया। पीड़िता का आरोप है कि सामाजिक बदनामी और डर के कारण वह लंबे समय तक किसी को घटना की जानकारी नहीं दे सकी। बाद में उसने अपने परिजनों को पूरी बात बताई, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।

शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया तथा उसका बयान दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने कथित वीडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को भी अपने कब्जे में लिया है।

पुलिस ने मामले में 10 आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया है। सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की प्रासंगिक धाराओं के साथ लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और डिजिटल साक्ष्यों की गहन पड़ताल की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला एक बार फिर डिजिटल माध्यमों के दुरुपयोग, साइबर ब्लैकमेलिंग और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में पीड़ितों को बिना भय के कानूनी सहायता लेनी चाहिए, जबकि समाज और परिवार को भी उनके समर्थन में आगे आना चाहिए।

डिस्क्लेमर :

यह समाचार पुलिस में दर्ज शिकायत, उपलब्ध आधिकारिक जानकारी एवं मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। मामले की जांच जारी है तथा आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। कानून के अनुसार नाबालिग पीड़िता की पहचान गोपनीय रखी गई है। “तहतक” किसी भी पीड़ित की निजता, गरिमा और कानूनी अधिकारों का सम्मान करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Call Now Button