वेब पोर्टल : खबर की तहतक अंबेडकरनगर जनपद की जलालपुर तहसील अंतर्गत ग्राम सभा लाभापार में कथित भूमि कब्जे का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। पीड़ित राजेश यादव पुत्र रामप्यारे यादव ने आरोप लगाया है कि उनकी खतौनी शुदा भूमि पर विपक्षी संतलाल पुत्र शिवबरन द्वारा खुलेआम अवैध कब्जा किया जा रहा है। आरोप है कि गाटा संख्या 37 में पक्की दीवार बनाकर निर्माण कार्य लगातार जारी है, जबकि मामला पहले से प्रशासन और राजस्व विभाग के संज्ञान में है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि यह केवल निजी भूमि कब्जे का मामला नहीं है, बल्कि सरकारी रास्ते तक पर कथित अतिक्रमण कर लिया गया है। आरोप के अनुसार गाटा संख्या 7 क, जो राजस्व अभिलेखों में रास्ता खाते के रूप में दर्ज है, वहां टॉयलेट एवं पक्की दीवार का निर्माण कर रास्ते को अवरुद्ध कर दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे आम लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मामले को और गंभीर बनाता है यह तथ्य कि संबंधित लेखपाल अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख कर चुके हैं कि विपक्षीगण गाटा संख्या 37 में बढ़कर पक्की दीवार का निर्माण करा रहे हैं। इतना ही नहीं, इस प्रकरण में तहसील न्यायालय में धारा 24 के अंतर्गत मुकदमा भी पंजीकृत बताया जा रहा है। इसके बावजूद कथित अवैध निर्माण कार्य का जारी रहना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। पीड़ित द्वारा मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई, जिसकी संदर्भ संख्या 92617800029608 बताई जा रही है। वहीं जिला अधिकारी कार्यालय में भी शिकायत संख्या 20017826006536 के माध्यम से न्याय की मांग की गई है। पीड़ित ने जिलाधिकारी महोदया से जनता दर्शन में मिलकर भी अपनी पीड़ा बताई, लेकिन आरोप है कि अब तक जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। राजस्व विभाग की भूमिका भी सवालों के घेरे में दिखाई दे रही है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि कानूनगो उमाशंकर धर द्विवेदी को कई बार सूचना दिए जाने के बावजूद उन्होंने अब तक मौके का निरीक्षण नहीं किया। जबकि लेखपाल की रिपोर्ट, न्यायालय में विचाराधीन मुकदमा और सरकारी रास्ते पर कथित कब्जे जैसे गंभीर तथ्यों के बावजूद कार्रवाई न होना स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो गांव में तनाव बढ़ सकता है और किसी भी समय शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। लोगों के बीच यह सवाल भी लगातार उठ रहा है कि जब शिकायतें, रिपोर्ट और न्यायालयीन प्रक्रिया मौजूद हैं, तब आखिर प्रशासन किस बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है? फिलहाल पीड़ित पक्ष ने जिला प्रशासन से मांग की है कि तत्काल निष्पक्ष पैमाइश कराकर कथित अवैध निर्माण कार्य रुकवाया जाए, सरकारी रास्ते से कब्जा हटाया जाए तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों एवं लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। डिस्क्लेमर : यह समाचार “वेब पोर्टल खबर की तहतक” द्वारा प्राप्त शिकायत, स्थानीय ग्रामीणों के कथनों, उपलब्ध दस्तावेजों एवं संबंधित पक्ष द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर प्रकाशित किया गया है। समाचार में लगाए गए सभी आरोप संबंधित पक्षों के कथित बयान एवं उपलब्ध अभिलेखों पर आधारित हैं। “वेब पोर्टल खबर की तहतक” किसी भी आरोप की स्वतंत्र न्यायिक अथवा प्रशासनिक पुष्टि का दावा नही करता है। “वेब पोर्टल खबर की तहतक” निष्पक्ष, तथ्यात्मक एवं जनहित पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्ध है तथा किसी की मानहानि अथवा सामाजिक छवि को क्षति पहुँचाना इसका उद्देश्य नहीं है। अंतिम निर्णय एवं वैधानिक सत्यापन संबंधित न्यायालय एवं सक्षम प्रशासनिक प्राधिकरण के अधीन होगा। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation 10 लाख रुपये कीमत का 42 किलो से अधिक अवैध गांजा बरामद, दो अंतरजनपदीय तस्कर गिरफ्तार संदिग्ध परिस्थितियों में युवक की मौत, परिवार में मचा कोहराम