वेब पोर्टल – खबर की तहतक ✍️ अम्बेडकरनगर/जलालपुर। जनपद में मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एसओजी/स्वाट और थाना जलालपुर की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए 42.327 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद कर दो कथित अंतरजनपदीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। बरामद मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, पुलिस अधीक्षक सुश्री प्राची सिंह के निर्देशन में अपराध एवं नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) डॉ. तेजवीर सिंह के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी जलालपुर अनूप कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक अजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में टीम क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच कर रही थी। बताया गया कि बकरीद पर्व के दृष्टिगत रात्रि गश्त और चेकिंग के दौरान मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि नहर पुल के पास एक सफेद रंग की अर्टिगा कार में दो व्यक्ति अवैध मादक पदार्थ लेकर खड़े हैं और सप्लाई की फिराक में हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। पुलिस के अनुसार टीम को देखकर दोनों व्यक्ति भागने का प्रयास करने लगे, लेकिन उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया गया। पूछताछ में गिरफ्तार व्यक्तियों ने अपनी पहचान राकेश यादव निवासी गोरखपुर तथा अय्यूब निवासी आजमगढ़ के रूप में बताई। तलाशी के दौरान कार से कुल 39 बंडलों में पैक 42.327 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया। इसके साथ ही एक अर्टिगा कार, दो मोबाइल फोन तथा 2200 रुपये नकद भी बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार आरोपियों के विरुद्ध थाना जलालपुर में एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अभिलेखों के अनुसार गिरफ्तार अय्यूब के विरुद्ध पूर्व में भी एनडीपीएस एक्ट के तहत एक मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। यह कार्रवाई जनपद में नशीले पदार्थों के नेटवर्क पर पुलिस की निगरानी और सख्ती का संकेत मानी जा रही है। पुलिस का कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। डिस्क्लेमर: यह समाचार पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट और उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। समाचार में वर्णित आरोप पुलिस के दावों और दर्ज मुकदमे के आधार पर हैं। भारतीय विधि व्यवस्था के अनुसार किसी भी अभियुक्त को न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध होने तक दोषी नहीं माना जाता है। मामले में न्यायालय का अंतिम निर्णय ही मान्य होगा। Post navigation न्यायालय में विचाराधीन भूमि पर पेड़ कटने का आरोप, तहसील प्रशासन की कार्रवाई पर उठे सवाल अंबेडकरनगर में खुलेआम खतौनी शुदा भूमि पर कब्जे का आरोप, सरकारी रास्ते पर भी निर्माण! प्रशासनिक चुप्पी पर उठे सवाल