खबर की तहतक ✍️ लखनऊ। प्रदेश में जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्रों में फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है। अब जन्म प्रमाण पत्र को माता-पिता के आधार नंबर से लिंक करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस संबंध में मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में हुई बैठक में संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करते समय माता-पिता का आधार नंबर अनिवार्य रूप से लिया जाएगा, जबकि मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए मृतक का आधार नंबर लिंक किया जाएगा। इससे प्रमाण पत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनने की उम्मीद है। फर्जी प्रमाण पत्रों पर लगेगी रोक बैठक में बताया गया कि प्रदेश में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र से जुड़े कई मामले सामने आए हैं, जिसके चलते पंजीकरण प्रणाली को मजबूत करना आवश्यक हो गया है। इसी उद्देश्य से जन्म-मृत्यु पंजीकरण की प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा और डेटा का त्वरित सत्यापन किया जाएगा। सीआरएस पोर्टल से होगा लिंक अधिकारियों के अनुसार जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्रों को सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (CRS) पोर्टल से जोड़ा जाएगा। यह व्यवस्था जन्म-मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम 2023 के प्रावधानों के अनुरूप लागू की जाएगी, जिससे राज्य स्तर पर सटीक डेटा तैयार किया जा सके। अस्पतालों को भी दिए जाएंगे निर्देश सरकारी अस्पतालों में नवजात के जन्म के बाद डिस्चार्ज से पहले प्रमाण पत्र जारी करने की व्यवस्था लागू की जाएगी। वहीं निजी अस्पतालों को भी ऑनलाइन माध्यम से जन्म की सूचना उपलब्ध करानी होगी। इसके अलावा पंचायती राज संस्थाओं को भी सूचना सत्यापन प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। योजनाओं के बेहतर प्रबंधन पर जोर सरकार का मानना है कि जन्म और मृत्यु का सही एवं त्वरित पंजीकरण होने से सरकारी योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जीवाड़े पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation SP अम्बेडकर नगर अभिजित आर. शंकर ने मालीपुर क्षेत्र में किया पैदल गश्त, आमजन से संवाद कर दिलाया सुरक्षा का भरोसा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय तिवारीपुर की छात्रा ने ‘प्रगति-2026’ परीक्षा में राज्य स्तर पर टॉप-10 में बनाई जगह